बीते कुछ दिनों से मायावती पर तरह तरह के बयान दे रहे
अखिलेश यादव ने मिशन पूर्वांचल के दौरान एक सभा में मायावती को नई सलाह दे
डाली है।
बुआ-फुआ पर उनके आग बबूला होने का किस्सा सुनाया तो यह भी बताने से नहीं चूके कि मायावती ने किस तरह बाप-बेटे के गाय-भैंस चराने की बात कही।
इस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी उन्हें (मायावती) मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट का अर्थशास्त्र नहीं पता है। कई लाख करोड़ रुपये का टर्नओवर है। मुनाफा भी काफी है। उन्हें पता चल गया तो हाथी पालना छोड़ गाय-भैंस का व्यवसाय शुरू कर देंगी।
मिशन पूर्वांचल पर अखिलेश
मिशन पूर्वांचल में जुटे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यकीन है कि मुलायम सिंह आजमगढ़ में जीत का इतिहास लिखेंगे साथ ही भाजपा 150 सीटों पर निपट जाएगी।
सपा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ‘टारगेट’ अब मिशन पूर्वांचल है।
आजमगढ़ सीट पर उनके पिता व सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है, इसलिए वे आजमगढ़ तथा आसपास की सीटों पर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
कोशिश मतदाताओं से सीधा संवाद करने की रहती है। चाहे वह नरेंद्र मोदी या मायावती पर तीखे हमले के बहाने हो या फिर अपनी सरकार की उपलब्धियों को लेकर।
मुलायम की होगी जीत
अखिलेश दावा करते हैं कि ‘देखिएगा आजमगढ़ से ‘नेताजी’ की ऐतिहासिक जीत होगी।’ अपनी ढाई साल पुरानी सरकार पर मोदी और मायावती के लगातार तीखे हमले के बावजूद उनका विश्वास डगमगाया नहीं है।
कहते हैं, ‘भाजपा पूरे देश में 150 सीटों पर सिमटकर रह जाएगी।’ उन्हें अपने काम पर पूरा भरोसा है और इसी के दम पर उनका मानना है कि जनता एक बार फिर सपा को मौका देगी।
जबर्दस्त गर्मी के बावजूद बृहस्पतिवार को अखिलेश ने पूर्वांचल में ताबड़तोड़ पांच जनसभाएं कीं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जावेद आब्दी भी उनके साथ थे।
दो जनसभाएं आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में थीं जहां से मुलायम मैदान में हैं। संयोग से जिस इलाके में अखिलेश प्रचार की कमान संभाले थे, उसी के आसपास मुलायम की भी सभाएं थीं।
मोदी बना रहे तमाशा
सुबह करीब 10.30 बजे अखिलेश के विमान के गोरखपुर के लिए उड़ान भरने से चंद मिनट पहले ही मुलायम के विमान ने टेक ऑफ किया।
विमान पर बैठते ही उन्होंने अपने सुरक्षा अधिकारी से पूछा तो उन्होंने बताया कि ‘नेताजी’ अभी-अभी निकले हैं। इस बीच किसी का फोन आया तो अखिलेश ने जवाब दिया ‘अरे, इनकी मंशा आरती करने की नहीं थी। ये तो पॉलिटिकल आरती करना चाहते थे।
आरती पर कहीं कोई रोक है? सुबह चार बजे की आरती सबसे अच्छी होती है। जाकर कर लेते लेकिन इसके पीछे मंशा तो कुछ और थी।’ फोन पर बात खत्म होते-होते विमान हवा में था।
इस संवाददाता ने मोदी की गंगा आरती को लेकर विवाद की बात आगे बढ़ाई तो अखिलेश बोले, ‘न हमने रोका न डीएम ने और न चुनाव आयोग ने। खुद ही तमाशा बना रहे हैं।
मोदी पर हमलावर
अखिलेश ने मोदी पर आरोप लगा कि सच तो यह है कि गंगा के प्रति श्रद्धा नहीं है बल्कि इसके जरिये राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।’
बात ही बात में बुधवार को हुए मतदान में अमेठी में राहुल गांधी के बूथों पर चक्कर लगाने का जिक्र छिड़ा तो अखिलेश हसंते हुए बोले, ‘चुनाव बाद एक हफ्ते दाढ़ी बढ़ाकर रखेंगे। बाबा बन जाएंगे।’ ‘बाबा’ से आशय राहुल गांधी से था लेकिन नाम नहीं लिया।
फिर बोले ‘10 मई को मैं भी वाराणसी में रोड शो करने जा रहा हूं।’ इस संवाददाता ने कहा कि 10 को राहुल भी वाराणसी में रोड शो करेंगे। आप और वह आमने-सामने होंगे।
अखिलेश ने तपाक से कहा,‘मेरा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। हम किसी से मुकाबला नहीं करते, अपना काम करते हैं। किसी मुकाबले में फंसना ही नहीं चाहते। इतना जरूर है कि वाराणसी का रोड शो ऐतिहासिक होगा।’
मोदी लड़ाई से बाहर
इसी बीच चंदौली में अल्पसंख्यकों के किसी छोटे-मोटे विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने जावेद आब्दी से कहा कि थोड़ी नाराजगी है। समझा दो, अपील कर दो। फिर कहा कि दावा कुछ भी करें लेकिन मोदी लड़ाई से बाहर हो गए हैं। उनकी भाषा बदल गई है।
करीब सवा 11 बजे विमान गोरखपुर हवाई अड्डे पर उतरा। वहां से हेलीकॉप्टर से 35 मिनट का सफर करके अखिलेश सलेमपुर संसदीय क्षेत्र के सिकंदरपुर पहुंचे। कड़ी धूप के बावजूद भीड़ ठीक-ठाक थी।
यहां उन्होंने मोदी और मायावती को निशाने पर रखते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और लोगों को विकास का भरोसा दिलाया।
कहा कि पांचवें और छठे चरण में सपा को ज्यादा सीटें मिलने जा रही हैं, इसलिए इनके (मोदी) हाव-भाव बदल गए हैं। सिकंदरपुर के बाद अगला पड़ाव गाजीपुर का सैदपुर था।
मुस्लिमों को रिझाया
यहां अखिलेश ने यह कहते हुए शिवकन्या कुशवाहा को जिताने की अपील की कि इनके साथ अन्याय हुआ है। ‘ये जत्था बलिदानी है, गाजीपुर का पानी है।’ का नारा लगा रहे युवाओं में जोश भरते हुए उन्होंने कार्यकर्र्ताओं को शिवकन्या को जिताने में जी-जान से जुटने को कहा।
सैदपुर के बाद अखिलेश आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र के मालतारी पहुंचे। यहां मुस्लिमों की खासी तादाद थी सो अखिलेश मुजफ्फरनगर दंगों के प्रभावित लोगों की मदद के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को गिनाने में भी पीछे नहीं रहे।
इस सभा में अबू आसिम आजमी भी थे। इसके बाद अखिलेश ने लालगंज संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी बेचई सरोज के समर्थन में रानीपुर बूढ़नपुर में जनसभा की। अंतिम जनसभा आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र के सेठवल (रानी की सराय) में हुई जहां बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव भी पहुंचे।
पांच सभाएं करने के बाद अखिलेश यादव शाम छह बजे लखनऊ लौटे। शुक्रवार को भी पूर्वांचल में उनकी ताबड़तोड़ सभाएं होनी हैं।
मोदी पॉलिटिकल आरती चाहते हैं
जनता इनकी आरती उतारकर भेजेगी वापस गंगा आरती को लेकर भाजपा द्वारा विवाद खड़ा किए जाने पर मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये श्रद्धा की वजह से आरती करना नहीं चाहते थे।
पॉलिटिकल आरती करना चाहते हैं। इन्हें भगवान से कोई लगाव नहीं है। भगवान के सहारे अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। अब तो प्रदेश की जनता इनकी आरती उतारकर वापस गुजरात भेजेगी।