रविवार को बुलाई गई इमरजेंसी बैठक में मुलायम ने मंत्रियों को चुनाव में हार के लिए कड़ी फटकार लगाई लेकिन साथ ही उन्हें वापसी का मूलमंत्री भी दे दिया।
मुलायम ने निर्देश दिया कि आप सभी जनता के बीच जाएं और उनके साथ हर मुश्किल में खड़े रहे। उन्होंने मंत्रियों को उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए अपनी जान लगा देने के लिए भी कहा।
हार का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि छह-सात मंत्रियों को छोड़कर बाकी ने चुनाव में काम नहीं किया। मंत्री सिर्फ चुनाव ही नहीं हारे, उनके विधानसभा क्षेत्रों और बूथों तक पर वोट नहीं मिले।
उन्होंने मंत्रियों को आने वाले दिनों में सभी सीटों पर विधानसभा उपचुनाव जीतने का टारगेट दिया।
साढ़े चार घंटे चली बैठक
मुलायम सिंह यादव ने रविवार सवेरे अपने विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर प्रदेश के सभी मंत्रियों की इमरजेंसी बैठक बुलाई थी।
करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक के दौरान शुरूआत में सपा अध्यक्ष के तेवर काफी तल्ख रहे। बाद में थोड़ा नरम भी पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई खराब काम नहीं किया था लेकिन मंत्री उसे कैश कराने में नाकाम रहे। भाजपा ने बिना काम किए खुद को साबित किया। अधिकतर मंत्रियों ने चुनाव में काम ही नहीं किया।
उन्होंने कई मंत्रियों को टेलीफोन करके चुनाव में प्रत्याशियों की मदद करने के लिए कहा, फिर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे
उन्होंने कागजों का पुलिंदा दिखाते हुए कहा कि उनके पास हर मंत्री का कच्चा चिट्ठा है। उन्हें जानकारी है कि कौन मंत्री पैसा बना रहा है, कौन ठेकेदारी कर रहा है और कौन जमीनों का खेल कर रहा है। वह पहले भी मंत्रियों को चेतावनी देते रहे हैं लेकिन उन्होंने सुधार नहीं किया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में जिंदगी भर की मेहनत बर्बाद नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने मंत्रियों से पूछा कि वे ही बताएं उन्हें क्या कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर आजम खां समेत सभी मंत्रियों ने कहा, नेताजी आप जो फैसला लेंगे, हमे मंजूर होगा।
मुलायम सिंह ने उनसे कहा, वे जनता के बीच जाएं। कोई भी घटना होने पर मीडिया के लोग पहुंच रहे हैं, आप लोग नहीं जा रहे। जहां भी घटना हो, पीड़ित पक्ष के साथ खड़े हों।
अफसरों को जायज काम के लिए बुलाओ। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे चिंतन करें कि कहां चूक हुई, अपने आप में सुधार करें। सुधार न होने पर इशारों ही इशारों में कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी।
हर सीट पर लगेंगे पांच मंत्री
मुलायम सिंह ने विधानसभा की 12 और लोकसभा की एक सीट पर उपचुनाव में पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की हर सीट पर पांच-पांच मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि क्षेत्र के लोगों से विचार-विमर्श करके वे बताएं कि उपचुनावों में कौन मजबूत प्रत्याशी हो सकता है।
इनसे जताई नाराजगी
मुलायम सिंह ने बलिया सीट पर नीरज शेखर की हार के लिए मंत्री रामगोविंद चौधरी, अंबिका चौधरी, और नारद राय से नाराजगी जताई।
कहा कि उन्होंने बलिया से तीन मंत्री बनवाए चुनाव के दौरान टेलीफोन करके उनसे चुनाव में लग जाने को कहा। इसके बाद जरूरत के मुताबिक मेहनत नहीं हुई। यह अच्छी बात नहीं है।
उन्होंने जौनपुर से प्रत्याशी रहे पारसनाथ यादव, कानपुर के शिवप्रसाद बेरिया, फैजाबाद के पवन पांडेय से भी नाखुशी जताई। पवन को उनके पार्टी विरोधी बयान के लिए नेताजी ने डाटा भी।
ब्राह्मण वोट न मिलने की कसक
मुलायम सिंह को चुनाव में ब्राह्मण वोट न मिलने की कसक भी रही। उन्होंने कहा कि हमने ब्राह्मणों की सभी बातें सुनी, मंत्री भी बनाए लेकिन वादे के मुताबिक वोट नहीं मिल सके।
इस पर मंत्री मनोज पांडेय ने कुछ कहना चाहा लेकिन नेताजी ने उन्हें यह कहते हुए बैठने को कहा कि इस पर अलग से बात कर लेंगे।
उन्होंने एक मंत्री की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री बनाए जाने पर तीन सीट जिताने की बात कही थी, कहां गई वे सीटें।
ये मंत्री रहे गैरहाजिर
बैठक में कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और ओमप्रकाश सिंह, राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई और वसीम अहमद गैरहाजिर रहे। बताया गया है कि राजा भैया विदेश दौरे पर गए हुए हैं।
विधानमंडल की बैठक 18 को
समाजवादी पार्टी विधानसभा मंडल की बैठक 18 जून को होगी। इसमें 19 जून से प्रारंभ हो रहे विधानसभा सत्र को लेकिन दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
उसी दिन नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य विशंबर प्रसाद निषाद विधायकों को रात्रि भोज देंगे।