समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को कई मंत्रियों को बुलाकर सूबे के सियासी माहौल का फीडबैक लिया। उन्होंने सभी को 2017 की चुनावी तैयारियों में जुट जाने के निर्देश दिए। कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक है, किसी स्तर पर कोई मतभेद नहीं है।
मुलायम सिंह लगातार पार्टी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। जब भी मौका लगता है, पार्टी ऑफिस पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने सपा सरकार के कई मंत्रियों व नेताओं से मुलाकात की।
उनसे मिलने वालों में मंत्री रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), महबूब अली, इकबाल महमूद, शाहिद मंजूर और नरेंद्र वर्मा शामिल रहे। सपा मुखिया ने काफी देर तक सभी से अलग-अलग बातचीत की। उनसे प्रदेश के राजनीतिक हालात की जानकारी ली। पूछा, चुनाव को लेकर क्या तैयारियां हैं?
उन्होंने कहा कि चुनाव में मुकाबला भाजपा से होना है। भाजपा ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। उसके नेताओं के दौरे हो रहे हैं। चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ में दशहरा मनाने आ रहे हैं।
मंत्रियों के क्षेत्र के बारे में ली जानकारी
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे पूरी गंभीरता से चुनावी तैयारियों में जुट जाएं, जनता के बीच रहें और उनके सुख-दुख में शामिल हों। अपने क्षेत्रों पर खासतौर से ध्यान दें। सरकार के विकास के कार्यों को जनता तक पहुंचाएं। यह भी पूछा कि उनके क्षेत्रों में क्या-क्या काम हुए हैं?
सियासी नुकसान की भरपाई की कोशिश
माना जा रहा है कि मुलायम सिंह ने मंत्रियों को बुलाकर जमीनी स्थिति का जायजा लेने के साथ ही पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद से पैदा हुई चिंताओं को दूर करने की भी कोशिश की।
कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक है। किसी स्तर पर मतभेद नहीं है, पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। उनकी इस कसरत को पार्टी में विवाद से होने वाले नुकसान की भरपाई के तौर पर देखा जा रहा है। इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि मुलायम सिंह से मिलने वालों में तीन मंत्री मुस्लिम हैं।
अखिलेश समर्थकों को मिलेगा नया ठिकाना
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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सीएम अखिलेश यादव के नजदीकी नेताओं को नौ अक्तूबर को समाजवादी पार्टी के कार्यालय के पीछे नया ठिकाना मिल जाएगा। वे जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के लिए आवंटित कोठी में बैठेंगे। इसका उद्घाटन सीएम अखिलेश यादव नौ अक्तूबबर को करेंगे।
इस ट्रस्ट के अध्यक्ष खुद अखिलेश यादव हैं। ट्रस्ट में पुराने नेताओं की जगह युवाओं को तरजीह दी गई है। पुराने नेताओं में राजेंद्र चौधरी इसके उपाध्यक्ष हैं।
अब सपा से निष्कासित एमएलसी, यूथ संगठनों के पदाधिकारी और अन्य नेता यहीं से अपनी गतिविधियां चलाएंगे। चूंकि 7, बंदरिया बाग स्थित ट्रस्ट की यह कोठी सपा के प्रदेश कार्यालय के ठीक पीछे हैं, इसलिए यहां सपाइयों की खूब आमद रहेगी।
माना जा रहा है कि सीएम ने सपा में अपनी टीम के बैठने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। सपा की मीडिया टीम भी इसी में शिफ्ट हो सकती है। इससे पहले 7 अक्तूबर को सीएम 4 विक्रमादित्य मार्ग स्थित नए आवास में गृह प्रवेश करेंगे।
सुलह की कोशिशें, वापस हो सकते हैं निष्कासन
सपा में चले रहे घमासान को थामने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किए गए कुछ युवा नेताओं की बहाली हो सकती है।
सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव पार्टी नेतृत्व से इसका आग्रह कर चुके हैं। अखिलेश की जगह शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सपा मुखिया के आवास के बाहर उग्र प्रदर्शन करने पर एमएलसी आनंद भदौरिया, सुनील यादव साजन, संजय लाठर व युवा संगठनों के अध्यक्षों को पार्टी से बाहर कर दिया था।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री समर्थक कुछ प्रत्याशियों के टिकटों पर भी पुनर्विचार हो सकता है।