सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव गुरुवार को मैनपुरी में सभा करेंगे।
उसके अगले दिन भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी बहराइच में रैली को संबोधित करेंगे।
मोदी की प्रदेश में यह तीसरी और मुलायम सिंह की दूसरी रैली होगी।
इससे पहले मोदी कानपुर व झांसी तो मुलायम सिंह आजमगढ़ में रैली कर चुके हैं।
मैनपुरी रैली को मुलायम के अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नगर विकास मंत्री मो. आजम खां और लोक निर्माण व सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी संबोधित करेंगे।
इस बार मुलायम की सभा मोदी की रैली से एक दिन पहले हो रही है।
पढ़ें-पुराने रिश्तों को हवा-पानी देने की कोशिश में बहराइच रैली
इसलिए देखने वाली खास बात यह होगी कि मुलायम की तरफ से मोदी पर कौन-कौन से नए हमले बोले जाते हैं तो मोदी मुलायम के जवाब में अपने तरकश में कौन-कौन से तीर सजाकर बहराइच रैली में आते हैं।
दोनों रैलियों के आगे-पीछे होने के कारण जुटने वाली भीड़ को लेकर भी जनता विश्लेषण जरूर करेगी।
सपा देना चाहती है संदेश
मैनपुरी चूंकि यादव परिवार के प्रभाव क्षेत्र वाला जिला माना जाता है। खुद सपा मुखिया यहीं से सांसद हैं।
माना जा रहा है कि मैनपुरी रैली में मुलायम इस बात को साबित करने की कोशिश करेंगे कि यूपी में वे मोदी पर भारी हैं।
पढ़ें-'सत्ता में रहें या नहीं, मुसलमानों का देंगे साथ'
यह बात तो मोदी की रैली के बाद पता चलेगी कि मुलायम अपने मकसद में कितना कामयाब हुए लेकिन राजनीतिक समीक्षकों से लेकर आम आदमी भी यह जानने को उत्सुक है कि भीड़ के लिहाज से कौन आगे निकलता है।
सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का दावा है कि मैनपुरी रैली से समाजवादी पार्टी राजनीति को एक नई दिशा देने की कोशिश में है। रैली में भीड़ उमड़ेगी।
उधर भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने भी दावा किया है कि बहराइच में मोदी की रैली में भारी भीड़ उमड़ेगी। लोग मोदी को सुनने को उत्सुक हैं।
उनमें मोदी को लेकर जबर्दस्त विश्वास पैदा हुआ है। वह कहते हैं कि मोदी व मुलायम की कोई तुलना नहीं हो सकती।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां क्लिक करें