‘आतंकवाद को संरक्षण व बढ़ावा देने वाले देश अब अलग-थलग पड़ गए हैं। वे पूरे विश्व के सामने बेनकाब हो गए हैं। विकास और शांति का सबसे बड़ा दुश्मन आतंकवाद है। इसे हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करना चाहिए और आतंकियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए’।
ये विचार केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यहां व्यक्त किए। वे सिटी मांटेसरी स्कूल की ओर से कानपुर रोड शाखा के ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में 60 देशों के 250 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश और कानूनविद् हिस्सा ले रहे हैं।
नकवी ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हुंकार भरी। कहा- हमारी जो तैयारियां हैं, उनसे हम आतंकवाद पर काबू पा लेंगे। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल सोसाइटी बनती जा रही है।
इसकी राह में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद ही सबसे बड़ी समस्या है। पूरे विश्व को इससे एकजुट होकर लड़ना होगा। नकवी ने कहा कि हम वसुधैव कुटुंबकम् में विश्वास करते हैं। भारत को विश्व गुरु बनाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है।
हमारा एजेंडा सबका साथ, सबका विकास
समारोह की अध्यक्षता करते हुए रोमानिया के पूर्व राष्ट्रपति एमिल कान्सटेन्टिन्जू ने कहा कि विश्व में आतंकवाद से लड़ने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय कानून-व्यवस्था विकसित करनी होगी। इसके लिए सभी देश एकजुट होकर आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि विश्व शांति के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व न्यायाधीश एपी मिश्रा ने शांति को बढ़ावा देने के लिए विश्व संसद की आवश्यकता जताई।
नकवी ने कहा कि मोदी सरकार का एजेंडा ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। समाज में सबसे निचले पायदान पर जो लोग हैं, हम उनका विकास करेंगे। हम विकास में हिंदू-मुसलमान का कोई फर्क नहीं करते हैं। उन्होंने सुनाया, ‘सियासत में तूफान क्या देखता है, भलाई में हिंदू-मुसलमान क्या देखता है’।
नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में जिस तरह वहां की जनता व सरकार ने हाथों-हाथ लिया, उससे भारत का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है। यह सिर्फ एक प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे देश का सम्मान है।
दुनिया में शांति-भाईचारा बढ़ाने के तरीके ढूंढने होंगे : अखिलेश
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि दुनिया में शांति और विश्वबंधुत्व की स्थापना के तरीके ढूंढने होंगे। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को ऐसी विरासत सौंपे जो हमें मिली विरासत से बेहतर हो।
बच्चों में विश्वशांति, भाईचारा, प्रेम तथा नैतिक मूल्यों की भावना दुनिया को और बेहतर बनाने में कारगर साबित होगी।अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने आए विभिन्न देशों के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मान में मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित रात्रि भोज के मौके पर बोल रहे थे।
अखिलेश ने न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि आबादी के लिहाज से यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी राजधानी लखनऊ गंगा-जमुनी तहजीब का बेहतरीन उदाहरण है। आपसी भाईचारा और कौमी एकता हमारी संस्कृति की बुनियाद हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्व में शांति स्थापना और भाईचारा बढ़ाने के लिए सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा कि न्यायाधीशों के साथ संवाद करने से बच्चों का ज्ञानवर्धन होगा और वे दुनिया की तमाम सच्चाइयों तथा समस्याओं से भी रू-ब-रू होंगे। इस अवसर पर जगदीश गांधी सहित अन्य लोग मौजूद थे।