लखनऊ। अवध की शाही रसोई से नवाबीन-ए-अवध के वंशजों सहित सैकड़ों परिवारों को मिट्टी के बर्तन में तबर्रुक बांटा जाएगा। मजलिसों में शामिल होने वाले करीब 10 हजार से ज्यादा अजादारों को बंटने वाला तबर्रुक भी शाही रसोई में तैयार होगा। मुहर्रम के तबर्रुक, जुलूस और मजलिसों के लिए हुसैनाबाद ट्रस्ट ने 47 लाख रूपये का बजट तय किया है।
हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रभारी कार्यालय अधीक्षक हबीबुल हसन ने बताया कि मुहर्रम के लिए 47 लाख रूपये का बजट तय किया गया है। इस बजट में मुहर्रम का तबर्रुक, ट्रस्ट की ओर से आयोजित होने वाली मजलिसें व उसका तबर्रुक, मोम की जरीह का शाही जुलूस, मेहंदी का जुलूस व सजावट का काम किया जाएगा।
बाकरखानी के साथ मिट्टी की हांडी में मिलेगा तबर्रुक
हुसैनाबाद ट्रस्ट मुहर्रम के नौ दिनों तक अपने अधीन आने वाले इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन भी कराता है। ट्रस्ट की ओर से मजलिस के बाद शीरमाल बांटी जाएगी। पहली से नौ मुहर्रम तक लगातार छोटे इमामबाड़े व शाहजनफ से मिटटी के बर्तन में दाल रोटी व सालन रोटी बांटी जाएगी। अवध के नवाबों के वंशजों के 325 परिवारों को खमीरी रोटी के साथ मिट्टी की हांडी में सालन, एक बाकरखानी बांटी जाएगी। इसके अलावा 10 मुहर्रम को यौम-ए-आशूर के दिन फाकाशिकनी की व्यवस्था की जाएगी।
ट्रस्ट की ओर से कहां बंटेगा तबर्रुक
बड़ा इमामबाड़ा : 2000 पैकेट
छोटा इमामबाड़ा : 2000 पैकेट
इमामबाड़ा शाहनजफ : 2000 पैकेट
गारवाली कर्बला : 1500 पैकेट
रौजा ए काजमैन : 1000 पैकेट
इमामबाड़ा आगा अबू साहब : 1000 पैकेट
मकबरा सआदत अली खां : 500 पैकेट