लखनऊ। आईआईए भवन, लखनऊ में केंद्रीय बजट के लाइव प्रसारण व चर्चा सत्र के बाद इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों ने बजट को विकासोन्मुखी बताते हुए एमएसएमई, विनिर्माण, वित्तीय सहयोग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिए गए फोकस का स्वागत किया। साथ ही कुछ क्षेत्रों में त्वरित राहत उपायों की जरूरत भी बताई।
एमएसएमई के लिए एग्जिट नीति पर ठोस कदम अपेक्षित
Iबजट भविष्योन्मुखी और विकास प्रधान है। एमएसएमई वित्तपोषण, इक्विटी सहयोग, टीआरईडीएस सुधार, टियर-2 और 3 शहरों पर जोर व विनिर्माण के लिए बड़े प्रावधान सकारात्मक हैं। हालांकि, एमएसएमई के लिए एग्जिट नीति और आयात प्रतिस्थापन पर और ठोस कदम अपेक्षा भी उद्यमियों को थी, जो अभी बाकी है। I
I- दिनेश गोयल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए I
घरेलू उत्पादन होगा मजबूत
I(फोटो)I
Iहाईटेक टूल रूम, चैंपियन एमएसएमई, रेयर अर्थ मैग्नेट और उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं उद्योग के लिए लाभकारी हैं। नए जलमार्ग और कंटेनर निर्माण सुविधाओं से लॉजिस्टिक्स व घरेलू उत्पादन मजबूत होगा। यह बजट सभी तबके के लोगों के लिए बेहतर साबित होगा। I
I- अवधेश अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, आईआईए I
पर्यटन को बढ़ावा देने की घोषणा स्वागतयोग्य
Iबजट में एमएसएमई के लिए अधिकतर घोषणाएं दीर्घकालिक हैं। वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए अल्पकालिक और तुरंत राहत देने वाले कदम भी शामिल होने चाहिए थे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में की गई व्यवस्था स्वागतयोग्य है। किसानों का भी बजट में ध्यान रखा गया है।I
I- वीके अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, आईआईए I
I-कस्टम ड्यूटी घटाने से होगा लाभI
I(फोटो)I
Iजीईएम पोर्टल को टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म से जोड़ने का निर्णय स्वागतयोग्य है। इससे एमएसएमई की नकदी स्थिति सुधरेगी और सरकारी भुगतान प्रक्रिया तेज होगी। कस्टम ड्यूटी घटाने से भी काफी लाभ उद्यमियों को होगा। I
I- अशोक सेठ, सीएI
हॉस्टल सुविधा से शिक्षा में बढ़ेगी महिला भागीदारी
Iहर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल की सुविधा से उनमें असुरक्षा की भावना दूर होगी। शिक्षा में महिला भागीदारी बढ़ेगी। इनकम टैक्स में हालांकि कोई खास बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नई टैक्स व्यवस्था और नियम से फाइलिंग आसान होगी। I
I- रीना भार्गव, सीएI
बजट पर चर्चा करते आईआईए के सदस्य।
बजट पर चर्चा करते आईआईए के सदस्य।
बजट पर चर्चा करते आईआईए के सदस्य।
बजट पर चर्चा करते आईआईए के सदस्य।
बजट पर चर्चा करते आईआईए के सदस्य।