लखनऊ। राजधानी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के मामले में पुलिस कमिश्नर लखनऊ को नोटिस भेजा है। अदालत ने गलत गवाही देने वाले तीन गवाहों की जांच कमिश्नर को सौंपी थी। तीन साल के बाद भी जांच रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने जवाब तलब किया है। साथ ही अदालत ने ट्रायल कोर्ट के रिकार्ड को भी समन किया है।
एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने गायत्री प्रजापति के मामले की सुनवाई कर बुधवार को यह आदेश पारित किया। अगली सुनवाई आठ जनवरी को नीयत की है। याची के अधिवक्ता पूर्णेंदु चक्रवर्ती ने बताया कि गायत्री के मामले में राम सिंह, अंशू गौढ़ और सविता पाठक ने गलत गवाही दी थी।