इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूरे उत्तर प्रदेश में दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की फिल्म रामलीला के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने याची के इस तर्क को माना है कि फिल्म के प्रदर्शन से भगवान राम का अपमान हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि रोक के लिए खतो-किताब की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने कहा है कि सभी जिलों में वायरलेस से सूचना देकर ही रामलीला फिल्म के प्रदेर्शन पर रोक लगा दी जाए।
कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली और फिल्म निर्माता कंपनी इरोज इंटरनेशनल से चार हफ्तों में जवाब तलब किया है।
लखनऊ बेंच के न्यायाधीश देवी प्रसाद सिंह और न्यायाधीश अशोक पाल सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। बहराइच की मर्यादा पुरुषोत्तम रामलीला प्रबंधन समिति की याचिका पर कोर्ट ने यह रोक लगाई है।
समिति के वकील आईपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि समिति 1950 से रामलीला कर रही है। इस फिल्म के प्रदर्शन के कारण मर्यादा पुरुषोत्तम राम के प्रति लोगों की आस्था को आघात पहुंचा है।