राजधानी में आउटर रिंग रोड के दोनों ओर निर्माण पर रोक की तैयारी है। इससे वहां पर हरियाली बढ़ेगी। बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूर होते ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। आगे पढ़ें पूरी खबर...
राजधानी लखनऊ में बनी 106 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में नए निर्माणों पर रोक की तैयारी है। एलडीए रोड के इस क्षेत्र को ग्रीनबेल्ट के तौर पर विकसित करेगा। एलडीए की 17 अक्तूबर को होने वाली बोर्ड में बैठक में इससे जुड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा।
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एलडीए ने बंधा शुल्क (फ्लड स्टॉपेज चार्ज) भी 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी की है। इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही शहर में सभी तरह के निर्माणों की लागत में इजाफा हो जाएगा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में कुल 17 प्रमुख प्रस्ताव पटल पर रखे जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि आउटर रिंग रोड के दोनों ओर निर्माण पर रोक का उद्देश्य ग्रीन बेल्ट को बढ़ावा देना है। ऐसा होने पर राजधानी में हरियाली का रकबा बढ़ जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इससे काफी लाभ मिलेगा। दूसरी ओर एलडीए राजस्व को बढ़ाने के लिए बंधा क्षेत्रों के विकास शुल्क में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव लाएगा। इससे एलडीए क्षेत्र में जमीनों के नक्शे पास कराना महंगा हो जाएगा।
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अधिकारियों के मुताबिक, अभी तीन सेगमेंट में बंधा शुल्क वसूला जाता है। बंधा शुल्क का रेट 875 रुपये प्रति वर्ग मीटर से लेकर 450 वर्ग मीटर तक है। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, नए सेक्टरों के विकास व अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के भी प्रस्ताव रखे जाएंगे।