जिला अस्पताल में जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रही खुशबू की मां उसकी तीमारदारी में जुटी हुई है। मां ने कहा कि बेटी उसे जान से भी प्यारी है। बेटी की जान के लिए वह तेंदुआ क्या, यमराज से भी लड़ सकती है। सिंधू ने बताया कि तेंदुए का सामना करते हुए उसके पंजे के खरोंच हाथ पर लगे, फिर भी हिम्मत नहीं हारी।