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Lucknow News: कोरोना ने माता-पिता, रिश्तेदार ने छीना आशियाना

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लखनऊ। कोरोना ने नौ साल के इश्लोक से उसके माता-पिता छीन लिए। इसके बाद रिश्तेदार ने उसे नाना के घर से निकाल कर उस पर कब्जा कर लिया। मासूम को अब डीएम का आसरा मिला है। उसे रिश्तेदार की ओर से कब्जा की गई संपत्ति वापस दिलाई जाएगी। वहीं, उसके बालिग होने तक डीएम संरक्षक बने रहेंगे। बच्चे की पढ़ाई की भी व्यवस्था अटल आवासीय स्कूल में की गई है।इश्लोक सोमवार को चौक के कटरा मोहम्मद अली निवासी चाची विनीता के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। छोटे से बच्चे की शिकायत का पता चलने पर डीएम सूर्यपाल गंगवार ने उसे अपने पास बुलवाया। उन्हें बताया गया कि दो साल पहले कोरोना से इश्लोक के माता-पिता विजयलक्ष्मी व दीपक कुमार की मौत हो गई। इसके बाद नाना मिश्रीलाल ने उसका पालन-पोषण किया। उन्होंने अपनी संपत्ति इश्लोक के नाम कर दी थी। कुछ दिन पहले नाना की मौत के बाद उनके भाई कैलाश की नजर कांशीराम आवासीय योजना में आवंटित मकान (सी 7/1 लाल कॉलोनी, नेपियर रोड, ठाकुरगंज) और अन्य संपत्ति पर पड़ गई। उसने इश्लोक को नाना के घर से निकाल कर मकान पर कब्जा कर लिया। डीएम को बताया गया कि विजयलक्ष्मी मिश्रीलाल की अकेली संतान थी। ऐसे में उनकी पूरी संपत्ति इश्लोक को मिलनी चाहिए थी।
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इस पर डीएम ने डूडा के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार सिंह को सबसे पहले मिश्रीलाल को आवंटित मकान इश्लोक के नाम ट्रांसफर करा कब्जा दिलाने का आदेश दिया। इश्लोक के बालिग होने तक डूडा पीओ को संपत्ति की देखभाल सुनिश्चित कराने का भी आदेश मिला है। फिलहाल विनीता ही इश्लोक की देखभाल कर रही हैं।

आर्थिक मदद भी दी जाएगी
कोरोना से माता-पिता की मौत की वजह से इश्लोक को आर्थिक मदद भी दिलाई जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा है। इश्लोक का बैंक खाता खुलवाते हुए उसमें आपदा राहत कोष से 50 हजार रुपये तुरंत जमा होंगे। पीएम केयर में 10 लाख की रकम और बाल सहायता योजना के तहत चार हजार रुपये प्रतिमाह की रााशि का लाभ भी दिलाया जाएगा। इश्लोक को अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। डीएम ने बताया कि बच्चे के बालिग होने तक डीएम लखनऊ उसके संरक्षक होंगे।
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