फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: एलडीए को 15 साल बाद आई कब्जाई जमीन की याद, 22 पर केस

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। गुडंबा के बहादुरपुर गांव में पार्षद समेत 22 लोगों ने एलडीए की 50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली 75,132 वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर लिया। इस पर अवैध तरीके से दुकानें, निजी अस्पताल व पक्के मकान बना लिए गए। 15 साल बाद प्राधिकरण को अपनी जमीन की याद आई तो अमीन ने रविवार को गुडंबा थाने में कब्जेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया।कंचना बिहारी मार्ग स्थित बहादुरपुर गांव में एलडीए की यह बेशकीमती जमीन राजस्व के रिकॉर्ड में शहरी सीलिंग में दर्ज है। इस पर कब्जे की जानकारी मिलने पर प्राधिकरण ने सीलिंग लेखपाल, तहसील सदर के राजस्व से जांच कराई। इसकी रिपोर्ट पिछले साल नवंबर में सौंपी गई, जिसके बाद जमीन का चिह्नांकन कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक जमीन पर नन्हा यादव, राजू यादव, दिलीप यादव, गोकरन यादव, रामसागर, देवदत्त सिंह, आबिदा खातून, पंकज मिश्रा, महेंद्र पाल वर्मा, इंद्रपाल वर्मा, जगन्नाथ साहू, बबलू कुमार, चंद्रभान वर्मा, रोहित सिंह, हुसैन सिद्दीकी अबरार, कन्हैयालाल, कुलदीप सिंह, नीलम चौधरी, मो. जाफर, ओमेगा अस्पताल के मालिक डॉ. नईम अहमद, पकंज यादव व मुस्तकीन ने कब्जा किया है।
विज्ञापन


निजी अस्पताल, कॉम्पलेक्स तक बन गए
चौक के चौपटिया कटरा बफा बेग निवासी मो. जफर ने यहां छह हजार वर्गफीट जमीन पर कॉम्पलेक्स व ओमेगा अस्पताल बना लिया है। अस्पताल संचालक डॉ. नईम अहमद है। दोनों के रिश्तेदारों ने इस सरकारी जमीन के बड़े हिस्से को कब्जाकर मकान बना लिए हैं।

पार्षद ने भी कब्जा कर बनाया मकान
रिपोर्ट में सामने आया कि शंकरपुरवा प्रथम के पार्षद पंकज यादव ने भी यहां जमीन कब्जा कर पक्का मकान बना लिया है। इनके करीबी बताए जाने वाले रामसागर ने कूड़े का गोदाम बनाया है। कई अन्य ने दो से तीन मंजिला मकान बना लिए हैं। इसके बावूद एलडीए अफसरों को 15 साल तक इसकी भनक भी नहीं लगी, यह बड़ा सवाल है? चर्चा है कि बिना प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत के यह संभव ही नहीं है।
विज्ञापन



तीन महीने लग गए केस दर्ज करवाने में
कब्जे की जानकारी पर प्राधिकरण व तहसील सदर की टीम से जांच कराकर 15 नवंबर 2022 को रिपोर्ट पेश की गई। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी सर्वे के नाम पर तीन महीने तक समय काटते रहे। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा आलोक राय के मुताबिक अमीन विमलेश शुक्ला की तहरीर पर 25 फरवरी को 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें