लखनऊ। करेंसी बदलने के नाम पर ठगने वाले आरोपी मां-बेटे को मदेयगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने अलीगंज के बनारसी टोला निवासी फर्नीचर कारोबारी अब्बुल हसन से तीन लाख और यूपीपीसीएल से सेवानिवृत्त कर्मी नौबस्ता खुर्द निवासी प्रेम प्रकाश सक्सेना से 30 हजार रुपये ठगे थे।
डीसीपी मध्य रवीना त्यागी के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के मदरसा वाली गली रानी गार्डन गीता कॉलोनी, शास्त्रीनगर निवासी असलम और उसकी मां फरजाना बेगम उर्फ काजल शेख को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी यहां निशातगंज में गली नंबर एक में किराये का कमरा लेकर रह रहे थे। आरोपी दुबई की करेंसी दिरहम सस्ते दर में बदलने का झांसा देते थे। अपने एक साथी मोहित की मदद से अब्बुल हसन को 100 दिरहम का एक नोट दिया था।
कारोबारी ने करेंसी को चेक कराया तो वह सही निकला था। इसके बाद अब्बुल को झांसे में लेकर एक युवक खदरा स्थित पक्कापुल पर ले गया। अब्बुल से तीन लाख रुपये लेकर उन्हें एक बैग में कागज के टुकड़े भरकर दे दिए थे। इसी तरह झांसे में आकर 19 नवंबर को प्रेम प्रकाश ने खाते से 30 हजार रुपये निकालकर फरजाना को दे दिए थे। टीम को आरोपियों की स्कूटी का नंबर सीसीटीवी कैमरे में कैद मिला। स्कूटी मालिक के पास पुलिस पहुंची तो पता चला कि स्कूटी बेची जा चुकी है। इसके बाद निशातगंज में छापा मारा और आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
तीन माह से किराये पर रह रहे थे, नहीं कराया सत्यापन
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे तीन माह पहले लखनऊ आए थे। निशातगंज में किराये का कमरा लिया था। हालांकि, सत्यापन नहीं कराया था। डीसीपी मध्य ने लोगों से किरायेदारों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने की अपील की है। आरोपियों का एक साथी मोहित भागा हुआ है।