यूपी में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच की संख्या तीन लाख को पार कर गई है। 23 मार्च तक प्रदेश में मात्र 1031 जांच की गई थी। इसके बाद 11 मई को 1 लाख व 22 मई को 2 लाख का आंकड़ा पार किया था। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने बुधवार को बताया कि वर्तमान में 10 हजार कोरोना टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे हैं।
23 मार्च को यूपी में कोरोना वायरस की जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ की माइक्रोबॉयोलॉजी लैब ही समर्थ थी। वर्तमान में राजकीय व निजी क्षेत्र की 32 लैब में कोरोना की जांच हो रही है। इसमें से 22 लैब राजकीय मेडिकल कॉलेजों व संस्थानों में चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयासों से 6 अप्रैल 2020 तक 10 लैब, 4 मई तक 20 लैब व 28 मई 2020 तक 30 लैब में जांच की सुविधा शुरू हो गई थी। अब प्रदेश में 32 लैब में जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों तेजी से जांच करना जरूरी है। लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए रैपिड आरएनए एक्ट्रैक्टर मशीनों को भी राजकीय क्षेत्र की लैब में लगाया जा रहा है। साथ ही केजीएमयू एवं एसजीपीजीआई में कोवास मशीनों को लगाने की कार्यवाही चल रही है।