उत्तर प्रदेश की जेलों में लगभग एक लाख बंदियों में से 70 हजार से अधिक का कोरोना टेस्ट कराया गया है। इनमें से 1690 बंदी और 59 जेलकर्मी संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान जेलों में बंदियों ने 30 लाख से अधिक मास्क और 2400 से अधिक पीपीई किट का निर्माण किया है।
अपर मुख्य सचिव गृह व कारागार अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेलों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सभी संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिक से अधिक टेस्ट कराए जा रहे हैं।
64 जिलों में अब तक 83 अस्थायी जेलें बनाई गई हैं। नए बंदियों को पहले अस्थायी जेलों में रखा जाता है। फिर कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें स्थायी जेलों में भेजा जाता है।
महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने बताया कि नए बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है।
इसके बाद निगेटिव पाए जाने पर स्थायी कारागार में भी 14 दिन तक क्वारंटीन किया जाता है। संक्रमण की संभावना के मद्देनजर प्रत्यक्ष मुलाकात की जगह क्कष्टह्र के माध्यम से परिजनों से बात कराई जाती है।
न्यायालयों में बंदियों की रिमांड की कार्रवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही है। उन्होंने कहा कि बंदियों की इम्युनिटी बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए सभी जेलों में योग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।