एडीजी ने निर्भया फंड के तहत चल रही परियोजनाओं के बारे में बताया कि 89.3 करोड़ रुपये से जो प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं वह अगले तीन महीने में जमीन पर दिखने लगेंगे।
इसमें सबसे अधिक खर्च इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम के लिए आ रहा है, जिसमें 67.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहर में संवेदनशील स्थानों पर लगने वाले 1500 कैमरे इस कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। इसके लिए लखनऊ पुलिस लाइन में बिल्डिंग बनाई जाएगी।
इसके अलावा महिला पावर लाइन की क्षमता दोगुनी करने के लिए 80 टर्मिनल (कंप्यूटर) के लिए नया सेटअप तैयार करना है। इसके अलावा 100 से अधिक पिंक बूथ बनाए जाने हैं। पेट्रोलिंग के लिए 110 पिंक स्कूटर और 10 एसयूपी खरीदी जानी है।
एडीजी ने बताया कि निर्भया फंड के तहत बजट इसी वर्ष जुलाई में स्वीकृत किया गया है। इसमें अधिकतर काम सिविल के हैं, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाती है और पार्ट में भुगतान किया जाता है।
ऐसे में जो फंड रिलीज हुआ है, उसे खर्च होने में थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने बताया कि फरवरी तक जिस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, वह जमीन पर नजर आने लगेंगे।