रायबरेली। रायबरेली-ऊंचाहार रेलखंड पर ट्रेन पलटाने की साजिश रचने वालों का पता लगाने के लिए सिविल व रेलवे के साथ ही खुफिया पुलिस जुटी है। सौ से ज्यादा संदिग्ध लोगों से हुई पूछताछ के बावजूद अभी तक साजिश रचने वालों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। रेलवे पुलिस लाइन के गेट नंबर 15 सी से लगे आसपास के गांवों में भी गहन पूछताछ कर रही है।
स्थानीय पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि अराजकता फैलाने के उद्देश्य से ही शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की है। जांच में रेलवे विभाग से जुड़े कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर हो रही है। बीते सोमवार की रात करीब 11 बजे रायबरेली-ऊंचाहार रेल खंड पर जगतपुर-दरियापुर रेलवे स्टेशन से पहले गेट संख्या 15 सी के पास ट्रैक पर पत्थर के स्लीपर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश की गई थी।
घटना के बाद से रेल प्रशासन के साथ जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस छानबीन में जुटी हुई है। अभी साजिश रचने वालों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे हैं। रेलवे ने पटरी किनारे पर करीब दो साल पहले यह स्लीपर डाले थे। इसके बाद इन्हें पटरी से दूर नहीं किया गया था। इसी का फायदा उठाते हुए अराजकतत्वों ने पत्थर के स्लीपर को रेलवे ट्रैक पर लाकर ट्रेन को पलटाने की कोशिश की थी।
मोबाइल लोकेशन के साथ चरवाहों पर भी नजर
कुछ दिनों पहले जिले में वंदे भारत ट्रेन पर भी पत्थर फेंके जाने की घटना भी हुई हैं। इसमें चरवाहों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस और जीआरपी के अफसरों का मानना है कि चरवाहे भी इस तरह की घटना को अंजाम दे सकते हैं। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीम ट्रैक के किनारे बस्ती में रहने वाले संदिग्ध लोगों के मोबाइल की लोकेशन का पता लगाने में भी जुटी है ताकि पता चल सके कि रेल ट्रैक पर स्लीपर कैसे पहुंचे।