● अगले तीन दिन प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों में तराई और दक्षिणी हिस्से में बारिश के बाद एक बार फिर से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी है।
बीते दो दिनों में पूर्वांचल में बादलों की आवाज आई तो रही, लेकिन कहीं-कहीं मामूली फुहार के अलावा लोग अच्छी बारिश का इंतेजार ही करते रहे।
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी और उमस ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है। सोमवार से अगले तीन-चार दिनों तक प्रदेश के लोगों को छिटपुट बूंदाबादी से ही संतोष करना पड़ेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के कमजोर पड़ जाने से प्रदेश में अगले तीन दिन तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। 25 जुलाई के बाद फिर से मानसून की सक्रियता देखने को मिल सकती है।
सोमवार को वाराणसी, बस्ती, सुल्तानपुर, बहराइच आदि हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं छिटपुट बारिश देखने को मिली। प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं हुई।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में कोई भी वेदर सिस्टम सक्रिय न होने की वजह से प्रदेश में भारी बारिश की संभावना ना के बराबर है।
हालांकि मंगलवार को यूपी के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।
25 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दाब का क्षेत्र बनने से प्रदेश के मानसून में दोबारा सक्रियता नजर आएगी।