लखनऊ। लॉयन सिक्योरिटी, लॉयन एनवायरो, ईगल हंटिग और रामकी जैसी कार्यदायी संस्थाओं की ओर से कराए जाने वाले सफाई कार्य में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नगर निगम ने निगरानी अधिकारी नियुक्त किए हैं। ये सुबह छह बजे लाइव लोकेशन के जरिये जांच करेंगे। नगर आयुक्त ने इसका आदेश जारी कर दिया गया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में बीते वर्ष अपना शहर 44वें से तीसरे नंबर पर आया। इसका सबसे बड़ा कारण शिवरी प्लांट का बेहतर संचालन और कूड़े के पहाड़ को खत्म करना रहा। घरों से कूड़ा कलेक्शन और सड़क-गलियों की सफाई में अपने शहर ने लंबी छलांग नहीं लगाई थी। जानकारों का कहना है कि यदि शिवरी प्लांट का संचालन न सुधरा होता तो फिर रेटिंग 44 या उससे नीचे ही आती। ऐसे में साफ है कि कार्यदायी संस्थाएं सफाई के काम में फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रही हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना हर महीने सफाई कार्य के निरीक्षण पर निकलते हैं और हर बार उन्हें गंदगी मिली है। नगर निगम के अधिकारी जब भी औचक निरीण करते हैं तो लापरवाही सामने आती है। खास बात है कि जुर्माना लगाने पर भी कार्यदायी संस्थाएं सुधर नहीं रहीं। इनकी लापरवाही पर शिकंजा कसने के लिए नगर आयुक्त ने अब निगरानी अफसर नियुक्त किए हैं। ये देखेंगे कि कौन सी गाड़ी किस रूट पर गई है और किस इलाके में कूड़ा कलेक्शन हो रहा है और कहां पर नहीं। ड्यूटी के हिसाब से कर्मचारी तैनात किए गए हैं या नहीं, इसकी भी जांच होगी।
किस दिन, कौन सा अफसर करेगा निगरानी
सोमवार व शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त ललित कुमार।
मंगलवार को अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव।
बुद्धवार को अपर नगर आयुक्त डा. अरविंद राव।
बृहस्पतिवार व शनिवार को अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता।
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कोट
सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए निगरानी अफसर नियुक्त किए गए हैं। ये जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां पर कार्रवाई भी करेंगे।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त