यह एप आम लोग भी डाउनलोड कर यातायात संबंधी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए इसे डाउनलोड करके उस पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी का नंबर भी दर्ज करना होगा। अगर गाड़ी या डीएल नहीं है तो भी इस एप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विकल्प दिया गया है।
रिपोर्ट ट्रैफिक वायलेशन के विकल्प पर क्लिक करके पांच सेकेंड का वीडियो या फोटो अपलोड की जा सकती है। लोकेशन पर आधारित यह एप बता देगा कि फोटो किस जगह खींची गई है और किसने भेजी है। यातायात पुलिस के अधिकारी सत्यता की जांच करते हुए उस पर कार्रवाई करेंगे।
गाड़ी नंबर दर्ज करते ही सामने होगी वाहन स्वामी की डिटेल
पुलिस प्रवक्ता राहुल श्रीवास्तव बताते हैं कि इस एप को परिवहन विभाग से भी लिंक कराया गया है जिससे गाड़ी का नंबर डालते ही वाहन स्वामी की पूरी डिटेल सामने आ जाती है। डाटा बेस में अगर वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर उपलब्ध है तो एप के माध्यम से चालान कटते ही इसकी जानकारी वाहन स्वामी को हो जाएगी। चालान का भुगतान करने के बाद मोबाइल पर संदेश पहुंचेगा।