पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत दखल रखने वाली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर 20 वर्षीय युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया। युवती और उसके परिजनों का कहना है कि पेशे से सर्जन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डॉक्टर बनाने का झांसा दिया।
इसी की आड़ में वह चार महीने तक शारीरिक शोषण करता रहा। गंभीर रूप से बीमार इस युवती ने आरोप लगाने के करीब आठ घंटे बाद ही ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया।
मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाली युवती को गंभीर हालत में एक सप्ताह पहले सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके इलाज पर परिजनों ने करीब 60 हजार रुपए खर्च किए। जब पैसे नहीं बचे तो अस्पताल प्रशासन ने युवती को केजीएमयू रेफर कर दिया।
चार महीने तक किया यौन शोषण
डेमो पिक
शुक्रवार दोपहर में उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने किडनी खराब होने की बात कही। युवती की मां ने गोरखपुर के सर्जन और राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर यौन शोषण का आरोप लगाया। वह संतकबीरनगर से विधायक भी है। उन्होंने युवती को डॉक्टर बनाने का झांसा दिया।
युवती की मां ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवती को अपने घर पर ही रखा। इस दौरान कई बार वह घर भी आती-जाती रही। मां ने बताया कि इस दौरान युवती को एक बार पेट दर्द हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने अस्पताल में ही उसका इलाज शुरू कर दिया।
उन्होंने सारी जांच कराई, इसके बाद दवा देने लगे। धीरे-धीरे जब उसकी हालत बिगड़ती गई तो उसे कुछ रकम देकर लखनऊ भेज दिया। मां का आरोप है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने अस्पताल में युवती को गलत दवा दे दी, जिससे उसकी स्थिति खराब हो गई है। यह बात सहारा अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बताया।
भाई ने कहा दर्ज करवाऊंगा रिपोर्ट
यूपी पुलिस
- फोटो : pti
केजीएमयू के मेडिसिन वार्ड में भर्ती युवती की रात करीब साढ़े नौ बजे मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार रात करीब नौ बजे उसकी हालत खराब होने लगी, जिसके बाद उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। करीब आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
भाई ने कहा कि राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराऊंगा। उसने प्रदेश सरकार से सहायता की मांग भी की। इंस्पेक्टर चौक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युवती के परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
युवती ने जिस सर्जन पर आरोप लगाया है, उसकी पूर्वांचल में मजबूत दखल है। 2012 के विधानसभा चुनाव के पहले उसने राजनीतिक दल बनाया। 2012 के विधानसभा चुनाव में उसके दल से चार विधायक भी चुने गए। इसमें संतकबीरनगर की एक विधानसभा सीट से वह खुद विजयी हुए थे।