पद्मश्री मोहम्मद शरीफ चाचा का कहना है कि पिछले पांच दिन से तबीयत ज्यादा खराब है। ठंड की वजह से सीने में दर्द है। अभी तक पद्मश्री अवार्ड नहीं मिला है। इतनी ही सूचना है कि मेरा नाम पद्मश्री अवार्ड के लिए आया है। उनकी ख्वाहिश है कि उनको सरकार की ओर से कोई घर मिल जाए और पेंशन बांध दी जाए। उनके बेटे मोहम्मद अशरफ का कहना है कि पिछले पांच माह से अब्बू की तबीयत ठीक नहीं है। किसी तरह इलाज करवाया जा रहा है। रहने के लिए भी खुद का घर नहीं है। एक छोटा सा घर किराए पर लिया है। जिसमें परिवार के 20 सदस्य रहते हैं।
हालचाल लेने पहुंचे पूर्व मंत्री
पदमश्री मोहम्मद शरीफ की बीमारी की खबर पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उनका हालचाल लेने उनके आवास पहुंचे और आर्थिक मदद प्रदान की। पूर्व मंत्री ने कहा की शरीफ साहब को पूरा देश जानता है। वह अब तक 25 हजार से ज्यादा लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। पद्मश्री मो. शरीफ साहब आज बेड पर हैं। अफसोस है पद्मश्री से सम्मानित बुजुर्ग का यह सरकार हालचाल भी नहीं ले रही है। सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली सरकार भेदभाव कर रही है। पूर्व मंत्री ने आगे भी मदद का भरोसा दिलाया।