चारबाग में शनिवार रात मोहन होटल में लगी आग के मामले में कई बड़ी बातें सामने आई हैं। होटल बिना फायर एनओसी के सालों से चल रहा था। हजरतगंज के न्यू बेरी रोड निवासी होटल मालिक अनिल कुमार अग्रवाल ने दमकल विभाग के पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
एफएसओ राम कुमार रावत ने बताया कि होटल में विभाग के ओर से तय किए गए कोई मानक नहीं थे। इतना ही नहीं कोई अग्निशमन सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे। इस कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही कोई भी वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। आग लगने के कारण पूरे होटल में धुआं भर गया था। ऐसे में लोगों को सांस लेने में समस्या होने लगी थी। दमकल कर्मियों ने वीआर सेट पहनकर कमरों में बनी खिड़कियों के शीशे तोड़कर धुआं निकाला था।
तीन माह पहले विभाग ने जारी की थी नोटिस
मानक न पूरे होने के कारण विभाग ने होटल को एनओसी जारी नहीं की थी।करीब तीन माह पहले ही नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही सभी उपकरणों की व्यवस्था करने की चेतावनी दी थी।इसके बाद भी होटल मालिक ने नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। मालिक अनिल कुमार लोगों की जिंदगी को खतरे में होटल चलाते रहे ।
विभाग करेगा कड़ी कार्रवाई
हादसे के बाद रविवार को एफएसओ ने टीम के साथ होटल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में कई अन्य खामियां भी मिली हैं। अभी जांच चल रही है। हालांकि, बिना एनओसी के होटल संचालन और चेतावनी देने के बाद भी कमियों के दूर न करने पर विभाग जल्द ही मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। 15 दिन तक जवाब न देने पर मालिक और बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
चारबाग के गौतमबुद्ध मार्ग पर स्थित होटल मोहन में शनिवार रात करीब 12:00 बजे किचन में खाना बनाते समय गैस रिसाव के कारण आग लग गई थी। लपटें चिमनी के डक्ट के सहरो तीसरी मंजिल तक पहुंच गई थी। दमकल कर्मियों ने पांच गाड़ियों के सहारे दो टीमों में बट कर राहत कार्य शुरू किया था।पहली टीम नीचे से चिमनी में आग बुझाने लगी थी। जबकि दूसरी टीम तीसरे मंजिल से डक्ट में पानी डाल रही थी। हादसे के कारण होटल के 17 कमरों में मौजूद 30 लोग फंस गए थे। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
15 लोगों को सकुशल बाहर निकला और फिर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने 12:40 पर आग पर काबू पा लिया।
पहले भी होटलों में लग चुकी है आग
19 जून 2018- चारबाग के एसएसजे इंटरनेशनल व विराट होटल में भीषण आग लग गई थी। हादसे में सात लोगों की जलकर मौत हो गई थी। जबकि कई लोग झुलस गए थे।
5 सितंबर 2022- हजरतगंज स्थित होटल लिवाना इन में लगी आग, चार की मौत।
8 जुलाई 2024- हुसैनगंज स्थित होटल राज में लगी भीषण आग, शीशा तोड़कर अंदर घुसे दमकलकर्मी, 30 लोगों को किया गया था रेस्क्यू।
इन बातों का रखें ध्यान
- होटल में आग लगते समय उस पर काबू पाने के लिए अग्निशामक यंत्र होना जरूरी है।
- स्मोक डिटेक्टर, हीट डिटेक्टर और फायर अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए।
- घटना होने पर होटल से निकलने के लिए दो रास्ते होने चाहिए।
- होटल में आपातकालीन लाइट भी होनी चाहिए। ताकि घटना के समय लोगों को निकलने में आसानी हो।