लखनऊ। वारदात से पूरे गांव में दहशत फैल गई। जैसे ही गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी वैसे ही लोग अपने-अपने घर में दुबक गए। कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। एक मिनट के भीतर तीन कत्ल से मोहम्मदनगर दहल उठा। फरीद की घर की चौखट और दीवारों पर खून ही खून नजर आया।
मोहम्मदनगर का माहौल शुक्रवार दोपहर आम दिनों की तरह था। कोई घर के बाहर था तो कोई भीतर। कुछ लोग आसपास के लोगों से बातचीत कर रहे थे तो कुछ अपने काम में लगे थे। दोपहर 03:36 बजे अचानक थार गाड़ी तेजी से गांव में आई। उससे उतरे लोग गालीगलौज कर रहे थे। एक-दो ग्रामीणों ने उन्हें देखा लेकिन जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक थार से आए लोग फरीद के घर पर गोलियां दागने लगे। गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। दो मिनट के भीतर ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। जब पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची तो देखा कि फरीद के घर की चौखट खून से लाल है। दीवारों पर भी खून ही खून नजर आ रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने किस निर्ममता से बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया।
वारदात के बाद पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। गांव में सन्नाटा पसर गया। दहशत इतनी कि कोई आरोपियों के खिलाफ जुबान खोलने को तैयार नहीं। क्योंकि जिस तरह से आरोपियों ने दिनदहाड़े घटना को अंजाम दिया, उससे वह सभी सहमे हुए हैं।
फुटेज में दिखा कि सबसे पहले हंजला व मुनीर को गोली मारी गई। जब फरहीन बाहर निकलीं तो बेटे को खून से लथपथ देख सन्न रह गईं। चंद सेकेंड के लिए ऐसा लगा कि वह हमलावरों से मिन्नत कर रही हैं लेकिन तभी फराज ने अपने पिता लल्लन से राइफल छीनकर उनको भी गोली मार दी। फुटेज से साफ है कि फरहीन जान की भीख मांगती रहीं मगर हमलावर गोलियां दागते रहे।
फरीद का कहना है कि उनका सीधा कोई विवाद ही नहीं था। पैमाइश को लेकर उनके पास समन आया था। वह मौके पर पहुंचे भी नहीं थे। बीच रास्ते से ही लौट आए थे। फरीद के मुताबिक पता नहीं क्यों कि उनके परिवार को निशाना बनाकर हत्या कर दी। जो भी विवाद था वह तैयब व अन्य लोगों से था। फरीद बोले- अब तो मेरा सबकुछ खत्म हो गया। सरकार, पुलिस और प्रशासन से मेरी बस यही गुजारिश है कि आरोपियों का एनकाउंटर हो। उनके घर पर बुलडोजर चले।