एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एक जमाने में कहा जाता था कि नेहरू के बाद कौन ? कई मौकों पर इस तरह से सवाल उठे। मुल्क व्यक्ति से बड़ा होता है। मोदी जाएंगे तो आने के लिए बहुत लोग तैयार हैं। उन्होंने चुटकी ली कि जब देवगौड़ा और गुजराल प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो एक दिन फारूख अब्दुल्ला का नंबर क्यों नहीं आ सकता ? हालांकि वे तुरंत बोले कि पीएम को भागदौड़ बहुत करनी पड़ती है, मुझे राष्ट्रपति भवन में बैठाइए। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों के गठबंधन की उम्मीद जताई। कहा कि संघ व भाजपा देश की डेमोग्राफी में बदलाव करना चाहते हैं। वे संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर रहे हैं।