कभी हां, कभी न और भाजपा नेताओं से विवादों व नोंकझोंक के बाद आखिरकार बहराइच जिला प्रशासन ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की आठ नवम्बर को प्रस्तावित रैली को मंजूरी दे दी।
प्रशासन की शुरुआती सहमति एक सप्ताह पहले मिल गई थी, लेकिन फाइनल मंजूरी बुधवार देर रात एक बजे मिली।
सुरक्षा व्यवस्था जांचने के बाद जिलाधिकारी और एसपी ने व्यवस्थाएं माकूल पाते हुए रैली के आयोजन को हरी झंडी दे दी।
उधर, पटना में हुई रैली में बिहार पुलिस के रवैये को देखने के बाद नरेंद्र मोदी ने यूपी पुलिस के साथ ही गुजरात पुलिस की सुरक्षा का सहारा लिया है।
पहले हुई रैलियों में किसी भी प्रांत के मुख्यमंत्री के आगमन पर उस प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने शिरकत नहीं की थी। निर्धारित कमांडों के अलावा यूपी पुलिस ने ही सुरक्षा का मोर्चा संभाला है।
यह पहला मौका है जब बिहार की घटना के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने प्रांत की पुलिस को सुरक्षा का संपूर्ण जिम्मा सौंप दिया है।
तब पंखा गिरने से बाल-बाल बचे थे मोदी
बहराइच शहर में आठ नवंबर को होने वाली नरेंद्र मोदी की दूसरी रैली होगी। मोदी बहराइच में 2002 के बाद फिर रैली करने जा रहे हैं। तब यहां वह श्रावस्ती जनपद के इकौना सीट पर चुनाव प्रचार के लिए आए थे। उस समय यह विधानसभा बहराइच जनपद में ही आती थी।
बहराइच डाक बंगले में रुकने के दौरान छत का पंखा गिरने से मोदी बाल-बाल बच गए थे। यह बात शायद कम ही लोगों को पता होगी।
उस समय मोदी का कद इतना बड़ा नहीं था। लेकिन, कद बढऩे के बाद भी मोदी की यादों में बहराइच बसा हुआ है जिसके चलते अवध के 13 जिलों को छोड़कर बहराइच में रैली का स्थान चयनित किया गया है।