प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे टर्म की सरकार में सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के राज्यमंत्री बनने से गोंडा में उल्लास है। खुशी का माहौल है। कीर्तिवर्धन सिंह गोंडा के 72 साल के सियासी इतिहास में केंद्रीय मंत्री बनने वाले दूसरे सांसद हैं।
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इससे पहले कीर्तिवर्धन को हराने वाले बेनी प्रसाद वर्मा को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट में स्थान मिला था। हालांकि वह कैबिनेट मंत्री बने थे, जबकि कीतिवर्धन को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई है।
पड़ोसी जनपद बाराबंकी के मूल निवासी बेनी प्रसाद वर्मा साल 2009 के आम चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। फिर वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उन्हें केंद्रीय इस्पात मंत्री की जिम्मेदारी मिली थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में रविवार देर शाम गोंडा के नवनिर्वाचित सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यमंत्री के तौर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। जिले के प्रतिनिधि के केंद्र सरकार का हिस्सा बनने पर हर्ष का माहौल है।
वर्ष 1952 में बनी गोंडा लोकसभा सीट से कई कद्दावर नेता चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे, लेकिन उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में स्थान नहीं मिला। कांग्रेस आलाकमान के करीबी होने व चार बार सांसद चुने जाने के बावजूद कुंवर आनंद सिंह केंद्रीय मंत्री नहीं बन सके थे।
हालांकि वह उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। सुचेता कृपलानी, हैदर हुसैन, दिनेश प्रताप सिंह, रामरत्न गुप्ता और सत्यदेव सिंह जैसे बड़े नेता भी केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बन सके।
निर्विवाद और सरल स्वभाव का होने पर मिला इनाम
कुल पांच बार तथा भाजपा से तीसरी बार सांसद चुने गए कीर्तिवर्धन सिंह बेहद सरल स्वभाव के नेता हैं। राजनीतिक विवादों व अनर्गल बयानबाजी से हमेशा दूर रहने वाले कीर्तिवर्धन सिंह को सरलता का ईनाम मिला है। वह अवध क्षेत्र में राजपूतों के सर्वमान्य नेता होने के साथ भाजपा सरकार के कई बड़े नेताओं के करीबी माने जा रहे हैं।
जिला संगठन के सभी छोटे व बड़े पदाधिकारियों को सम्मान देने के साथ ही संगठन के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के कारण कीर्तिवर्धन सिंह के राज्यमंत्री बनने से भाजपा का पूरा कुनबा गदगद है।