लखनऊ। छावनी स्थित सेना के मध्य कमान मुख्यालय में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की स्मृति में सोमवार को संगोष्ठी हुई। इंफैंट्री महानिदेशालय और सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज की ओर से संयुक्त रूप से समकालीन और भविष्य के युद्धों के लिए इंफैंट्री के सैनिकों का आधुनिकीकरण विषय पर चर्चा की गई।
जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में हाइब्रिड खतरों, ड्रोन युद्ध, साइबर संघर्ष एवं उभरते युद्धक्षेत्रों की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय इंफैंट्री को नया रूप देने पर ध्यान दिया गया। वरिष्ठ सैन्य नेताओं, पूर्व सैनिकों, रक्षा विद्वानों, प्रौद्योगिकीविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने सेना के परिवर्तन व क्षमता वृद्धि पर चर्चा की। उद्घाटन महानिदेशक इंफैंट्री लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने किया। मध्य कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने आधुनिकीकरण में तेजी लाने के लिए सैद्धांतिक परिशोधन, आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने और शिक्षा जगत व उद्योग के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया।
मध्य कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने इंफैंट्री का आधुनिकीकरण पर जोर दिया। मेजर जनरल विवेक सहगल (सेवानिवृत्त), मेजर जनरल पंकज सक्सेना (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे (सेवानिवृत्त), मेजर जनरल संजीव कुमार सेंगर (सेवानिवृत्त) ने भी व्याख्यान दिया।
मध्य कमान में हुई संगोष्ठी।
मध्य कमान में हुई संगोष्ठी।