लखनऊ। कबाड़ को ऊर्जा में बदलने से लेकर प्लास्टिक का विकल्प तलाशने और पानी की सफाई का तरीका बताने तक... सेंटिनियल इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान के मॉडल के जरिये रोजमर्रा की चुनौतियों के समाधान तलाशे। शनिवार को कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी में 65 छात्रों ने 40 वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें कचरे से ऊर्जा उत्पादन, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ट्रेन, बायोप्लास्टिक और जल निस्यंदन से जुड़े मॉडल खास आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता देखने को मिली।
प्रदर्शनी की शुरुआत मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने की। उन्होंने शिक्षकों के साथ विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। इस मौके पर प्रबंधक आरओके सिंह, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।
भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ट्रेन, कचरे से ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा रूपांतरण के वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं रसायन विज्ञान में बायोप्लास्टिक, एडवांस वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, माइक्रोप्लास्टिक, इथेनॉल इन किचन तथा ई-10 और ई-20 जैसे विषयों पर मॉडल बनाए गए।
जीव विज्ञान के विद्यार्थियों ने शरीर के विभिन्न तंत्र, पौधों में जनन, पर्यावरणीय संरचना और अजैविक कारकों के चक्र को मॉडल के जरिये प्रदर्शित किया। विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडल की उपयोगिता भी समझाई।
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने रक्त समूह, श्वसन तंत्र, सौर ऊर्जा, जल निस्यंदन, न्यूरॉन और मस्तिष्क से जुड़े मॉडलों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थियों के मॉडल आगामी विज्ञान प्रतियोगिताओं में विद्यालय को पहचान दिलाएंगे।
सेंटिनियल इंटर कॉलेज की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पेश किए मॉडल।
सेंटिनियल इंटर कॉलेज की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पेश किए मॉडल।
सेंटिनियल इंटर कॉलेज की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पेश किए मॉडल।
सेंटिनियल इंटर कॉलेज की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पेश किए मॉडल।