राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू में मरीजों की दलाली रोकने के लिए सख्ती शुरू की जा रही है। ट्रॉमा सेंटर के गार्ड के साथ ही कैजुअल्टी विभाग में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों के मोबाइल फोन ड्यूटी के दौरान जमा रहेंगे।
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ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस प्रो. प्रेमराज ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ गार्ड, निजी अस्पतालों के दलाल के संपर्क में हैं। इन्हें ड्यूटी से हटाने के साथ ही अब नए गार्ड को फोन जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। केजीएमयू से पिछले दो माह में कुछ मामलों में मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने सख्ती शुरू की है।
टिनशेड वाला ट्राएज एरिया भी खत्म
ट्रॉमा सेंटर भवन के बाहर टिनशेड को ट्राएज एरिया के रूप में विकसित किया गया था। आने वाले मरीजों को पहले यहीं पर रखा जाता था। बेड होने पर उन्हें संबंधित विभाग या फिर अन्य अस्पताल के लिए रेफर किया जाता था।
दलालों की पैठ कमजोर हुई है
ट्राएज एरिया बाहर होने से दलालों की पैठ आसानी से हो जाती थी। मौका पाकर वे मरीज को अच्छे इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल में पहुंचा देते थे। केजीएमयू प्रशासन ने यहां ट्राएज एरिया को समाप्त करके कैजुअल्टी भवन के अंदर ही बना दिया है। इससे दलालों की पैठ थोड़ी कमजोर हुई है।