मोबाइल लेकर शौचालय में बैठने से बढ़ रहीं बीमारियां
केजीएमयू में आयोजित कार्यशाला में डॉक्टरों ने किया सतर्क
मोबाइल लेकर शौचालय में जाने और कमोड के गलत इस्तेमाल से पाइल्स, फिस्चुला जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सही समय पर पहचान नहीं होने से ये बीमारियां खतरनाक हो जाती हैं। यह कहना है मुंबई के डॉ. कुशल मित्तल का। वह रविवार को केजीएमयू के सर्जरी विभाग की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यशाला ‘प्रॉक्टोलॉजी अपडेट’ को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. मित्तल ने बताया कि शौचालय जाते समय मोबाइल साथ नहीं ले जाना चाहिए। मोबाइल हाथ में होने से लोग देर तक बैठे रहते हैं और जोर लगाते रहते हैं। इन बीमारियों से ग्रसित युवाओं में करीब 30 फीसदी की समस्या मोबाइल के चलते पाई गई है। इसी तरह वेस्टर्न कमोड का प्रयोग करते समय पैर के नीचे हल्की ऊंचाई होनी चाहिए। कार्यशाला में करीब 500 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने एनल, कोलेन व रेक्टल कैंसर पर चर्चा की। इस दौरान प्रो. टीसी गोयल, प्रो. अभिनव अरुण सोनकर, डॉ. निरंजन अग्रवाल, डॉ. रमाकांत, डॉ. परवेज शेख मौजूद रहे।
बिना सर्जरी ठीक हो सकती है पाइल्स
पाइल्स, फेस्चुला, फिशर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। पांच साल पहले जहां ओपीडी में 50 मरीज आते थे, वहीं अब इनकी संख्या करीब 200 हो गई है। ये मरीज पहले अपने तरीके से इलाज करते हैं। संकोच में किसी को बताते नहीं हैं। ऐसे में घाव बढ़ता रहता है। पाइल्स के मरीज शुरुआती दौर में आ जाएं तो बिना सर्जरी के भी ठीक हो सकते हैं।
- डॉ. अरशद अहमद, आयोजन सचिव
शौच के वक्त खून आए तो डॉक्टर से मिलें
शौच के वक्त लाल खून के बजाय थक्कानुमा खून निकले और भूख कम हो जाए। वजन तेजी से घटने लगे तो तत्काल जांच कराएं। यह एनल (मलद्वार) कैंसर भी हो सकता है। इस कैंसर के 50 फीसदी से अधिक मरीज अंतिम स्टेज में पहुंचते हैं। मलद्वार से खून आने पर मरीज इसे पाइल्स समझकर बैठे रहते हैं। बाद में यह कैंसर निकलता है। जब भी मलद्वार से खून निकले, तत्काल चिकित्सा विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। नीम-हकीम से इलाज नहीं करानी चाहिए।
- डॉ. अभिनव अरुण सोनकर
फाइबर से भरपूर नाश्ता करें
ज्यादातर बीमारियां अनियमित खानपान से होती हैं। इसे रोकने के लिए नाश्ते में फाइबर को शामिल करना चाहिए। सुबह देर तक खाली पेट रहने से समस्या बढ़ती है। पेट के अंदर मौजूद एसिड को खाना नहीं मिलता है तो वह आंतरिक लेयर को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे अल्सर बन जाता है। सोने से करीब दो घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। खाने में तत्काल कोई चीज मौजूद नहीं है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए।
-डॉ. संजीव कुमार, केजीएमयू