देश सरकार ने करीब 2.12 करोड़ मनरेगा श्रमिकों को सीधा फायदा पहुंचाने वाला कदम उठाते हुए इनकी मजदूरी बढ़ाकर 156 रुपये कर दी है।
यह फैसला लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले से लंबित था।
प्रदेश में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजागर गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत काम करने वाले जॉब कार्ड धारक मजदूरों को 142 रुपये मजदूरी मिलती थी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने फरवरी में मजदूरी में बढ़ोतरी का फैसला कर अधिसूचना जारी कर दी थी।
अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी में 14 रुपये की बढ़ोतरी की गई और उन्हें 156 रुपये देने का फैसला हुआ।
मजदूरी की नई दरें 1 अप्रैल 2014 से लागू होनी थी। प्रदेश सरकार समय से फैसला नहीं कर सकी और चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
चुनाव बाद प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग ने केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार मजदूरी भुगतान को मंजूरी दे दी है।
विशेष सचिव ग्राम्य विकास अशोक कुमार ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 142 रुपये से बढ़ाकर 156 रुपये करने संबंधी शासनादेश जारी कर दिया है।
कुमार ने बताया कि बढ़ी हुई मजदूरी एक अप्रैल 2014 से लागू मानी जाएगी।
बताते चलें प्रदेश में इस समय करीब 1.48 करोड़ जॉब कार्डधारक व 2.12 करोड़ मजदूर पंजीकृत है। सरकार के फैसले का ये मजदूर सीधा फायदा पाएंगे।