मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी बढ़ी
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए मनरेगा श्रमिकों की मदजूरी दस प्रतिशत से अधिक बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश में अभी मनरेगा श्रमिकों को करीब 182 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। एक अप्रैल 2020 से मनरेगा श्रमिकों को 201 रुपये मजदूरी मिलेगी।
कुशल श्रमिकों का मानदेय नहीं बढ़ा
केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद के पूर्व सदस्य संजय दीक्षित का कहना है कि मनरेगा में अब अकुशल श्रमिकों को कुशल श्रमिक (सुपरवाइज) से ज्यादा मानदेय मिलेगा। सुपरवाइजर का मानदेय छह हजार रुपये महीने है, जबकि अकुशल श्रमिक को एक महीने काम करने पर 6030 रुपये मिलेंगे।
इनका कहना है कि लॉक डाउन के समय श्रमिकों के पास पैसा नहीं होगा तो वे घर कैसे चलाएंगे। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाओं के लिए काफी बजट दिया है, इस विपत्ति के समय उस बजट को मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी के लिए उपयोग करना चाहिए।
वहीं ग्राम विकास आयुक्त के.रवींद्र नाईक ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का शत प्रतिशत पैसा भारत सरकार से आता है, भारत सरकार से करीब 650 करोड़ का बजट मिलना है। प्रदेश सरकार ने बजट की मांग कर रखी है, बजट जल्द मिलने की उम्मीद है।