सरोजनीनगर के विधायक शारदा प्रताप शुक्ला के अवैध कब्जे को एलडीए कभी भी ढहा सकता है।
कब्जे को अवैध मानते हुए एलडीए प्रशासन ने इसे ढहाने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसको लेकर दो दिन पहले एलडीए उपाध्यक्ष की ओर से संबंधित अधिशासी अभियंता को आदेशित किया गया है।
कानपुर रोड योजना की जिस जमीन पर विधायक का कब्जा है, वह एलडीए की जमीन है। इस मसले को लेकर न्यायालय ने दो महीने पहले कड़ी नाराजगी भी जताई थी।
कानपुर रोड नगर प्रसार योजना-3 के तहत किला मोहम्मदी गांव के खसरा संख्या 250 व 251 की एक बीघा जमीन एलडीए ने 1984 में अधिग्रहीत की थी। जिसका कब्जा भी मुआवजा देने के बाद उसने 1987 में ले लिया था।
अर्जन मुक्त कराने की कोशिश को झटकाअवैध कब्जे के विवाद को समाप्त करने के लिए जमीन को अर्जन मुक्त कराने के लिए करीब दो महीना पहले एलडीए में प्रस्ताव दिया था। जिसके बाद यह यह मामला अटक गया था।
वहीं, एलडीए के सूत्रों का कहना है कि उपाध्यक्ष ने अर्जन मुक्त करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया और अवैध कब्जा ढहाने का आदेश जोन पांच के अधिशासी अभियंता को दिया है।
नाबालिग से इकरार नामा!विधायक ने जमीन को अपनी बताते हुए अर्जन मुक्त करने के लिए जो दस्तावेज एलडीए में दिए हैं। इसमें उन्होंने उस व्यक्ति से इकरार नामा किए जाने का दस्तावेज पेश किया जो उस समय नाबालिग था।
सूत्रों का कहना है कि जंगली पुत्र मुन्नी लाल से जिस समय जमीन का इकरार नामा किया गया, उस समय वह पांच साल का था। इस हिसाब से इकरार नामा अवैध माना जा रहा है।
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