प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार ने 10.35 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। विश्वविद्यालयों में 12 कार्यों के लिए 6.35 करोड़, 3 राजकीय विश्वविद्यालयों में निर्माण के लिए 3 करोड़ और एक राजकीय विवि में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय भवन के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
प्रदेश कैबिनेट ने यूपी वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के जर्जर स्पिनिंग भवन (लैब) के ध्वस्तीकरण को मंजूरी दे दी है। इसके स्थान पर प्रयोगशाला सह अध्ययन कक्ष का निर्माण होगा। इसके लिए डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविालय लखनऊ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत 6.71 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कानपुर वस्त्र निर्माण का प्रमुख केंद्र है। उद्योगों को तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध कराने के लिए 1914 में स्कूल ऑफ डाइंग प्रिटिंग की स्थापना की गई थी। इसे 1937 में उच्चीकृत कर डिप्लोमा स्तर का संस्थान बना दिया गया था और इसका नाम राजकीय केंद्रीय वस्त्र संस्थान रख दिया गया। बाद में इसे डिग्री स्तरीय संस्थान बनाया गया और 2006 में इसे स्वायत्त संस्थान बना दिया गया। वर्तमान में यहां 240 की प्रवेश क्षमता है।
राज्य विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र में वर्ष 2016-17 के दौरान सरकार के वित्तीय खर्चों पर सीएजी की रिपोर्ट विधानमंडल के समक्ष पेश की जाएगी। मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट ने इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस रिपोर्ट में सरकार द्वारा बजट बनाने की प्रक्रिया, बजट की आवश्यकता, स्वीकृतियों और खर्चों के साथ सरकार के बजट प्रबंधन का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है।