लखनऊ के विकासनगर में एक मंदिर के गरीब पुजारी शिवानंद को आवास विकास से एलआईजी का मकान अलॉट हो गया। इसकी जानकारी होते ही प्रॉपटी डीलरों की नीयत डोल गई। पहले तो उन्होंने पुजारी को डरा धमकाकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम पर करवाने की कोशिश की।
पुजारी तैयार नहीं हुआ तो उन्होंने मुल्ला नाम से चर्चित एक व्यक्ति को पुजारी बनाकर फर्जी रजिस्ट्री करवा डाली। जांच में भांडा फूटा तो वजीरगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुख्य आरोपी के भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। तीन अन्य की तलाश की जा रही है।
मामले की विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टर नारद मुनि ने बताया कि ठाकुरगंज के बालागंज निवासी विवेक यादव ने 2012 में 22 नवंबर को वजीरगंज थाने में विजय शुक्ला व अन्य के खिलाफ के खिलाफ फर्जी तरीके से उसके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा लेने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
जांच में पता चला कि विकासनगर में रहने वाले पुजारी शिवानंद बाबा ने आवास विकास में मकान के लिए फॉर्म भरा था। पारा की डूडा कॉलोनी के पास उसे एलआईजी का मकान अलॉट हो गया। विकासनगर में ही रहने वाले विजय शुक्ला को जब यह बात पता चली तो उसने शिवानंद से औने-पौने कीमत पर मकान बेचने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया।
आरोपी उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर रजिस्ट्री कराने के लिए भी अपने साथ ले गए थे लेकिन, शिवानंद के साथियों ने उसे छुड़ा लिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता भी करा दिया।
बाद में विजय शुक्ला विकासनगर के विनायकपुरम में रहने वाले मो. अकरम उर्फ मुल्ला को उपनिबंधन कार्यालय ले गया, जहां फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने नाम रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद उसके मकान पर कब्जा कर लिया।