लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र से 30 जून की शाम संदिग्ध हालात में लापता छात्रा माही वर्मा मुंबई के एक शरणालय में मिली है। उसने फर्जी नाम व पता लिखा रखा था। मुंबई के थानों और शरणालयों के चक्कर काट रही पुलिस टीम ने उसे फोटो से पहचान कर तहकीकात की। तलाश में लापरवाही की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त हिदायत दी थी।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरानगर के ए-ब्लॉक निवासी माही वर्मा (15) मुंबई के एक शरणालय में सकुशल मिली है। तहकीकात में पुलिस को माही के मुंबई जाने की आशंका हुई थी।
लैपटॉप खंगालने पर अहम जानकारी हुई। इस पर पुलिस की टीम को मुंबई रवाना किया गया था। वहां के सभी थानों पर माही के फोटो युक्त पोस्टर चस्पा कराने, लावारिस मिली लड़कियों का ब्योरा एकत्र करके शरणालयों में छानबीन के निर्देश दिए गए थे।
तहकीकात में पता चला कि मुंबई पुलिस ने नौ जुलाई को भटकते मिली एक किशोरी को शरणालय पहुंचाया था। किशोरी ने खुद को दिल्ली निवासी अशोक यादव की बेटी तान्या बताया और फर्जी मोबाइल नंबर बताया था। संदेह होने पर पुलिस ने शरणालय प्रबंधन से संपर्क करके फोटो दिखाई।