तेरह दिन से लापता कार चालक अजय विश्वकर्मा की गुमशुदगी का मामला आलमबाग व सरोजनीनगर थाने में ट्रांसफर होता रहा। परिवारीजन दो थानों के चक्कर लगाते और शनिवार देर रात युवक का शव सीतापुर के संदना स्थित केशुवामऊ गांव के गन्ने के खेत में मिला।
संदना थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश शुक्ल ने बताया कि जब शव की शिनाख्त नहीं हो सकी तो लखनऊ पुलिस से संपर्क किया गया। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर धर्मेश शाही ने बताया कि अजय की हत्या चार व पांच सितंबर के बीच की गई। शव काफी सड़-गल गया था। वहीं, ग्रामीणों ने मवेशी द्वारा शव नोंचे जाने की बात कही, लेकिन पुलिस ने इन्कार कर दिया।
इंस्पेक्टर सरोजनीगर के मुताबिक, मूलरूप से गोंडा के उमरी बेगम निवासी अजय विश्वकर्मा आलमबाग में रहकर टैक्सी चलाता था। चार सितंबर को वह घर से टैक्सी लेकर निकला और नहीं लौटा। दो दिन बाद परिवारीजनों ने आलमबाग कोतवाली में अजय की गुमशुदगी दर्ज कराई।
आलमबाग पुलिस के मुताबिक, चार सितंबर को अजय टैक्सी से सवारी लेकर एयरपोर्ट गया था। इसके कारण आलमबाग पुलिस ने मामले को सरोजनीनगर स्थानांतरण कर दिया। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर धर्मेश शाही ने बताया कि आलमबाग पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 12 सितंबर को अजय के अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद अजय के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया। लेकिन वह बंद आ रहा था।
पंचनामा कर सरोजनीनगर पुलिस के सुपुर्द किया शव
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शनिवार देर रात सीतापुर के संदना थाने की पुलिस ने सूचना दी कि केशुवामऊ गांव में गन्ने के खेत में शव मिला। शव सड़ा-गला है। पुलिस ने जो कपड़े व अन्य निशान बताए वह अजय से मिल रहे थे। इसके बाद अजय के परिवारीजनों को लेकर पुलिस संदना पहुंची, जहां शव की शिनाख्त हुई। इसके बाद पंचनामा भरकर शव सरोजनीनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
खंगाली जा रही कॉल डिटेल
इंस्पेक्टर के मुताबिक, चालक के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। इसके आधार अगवा करने वाले और हत्यारों का सुराग लगेगा। वहीं, अजय के कुछ चालक साथियों से पुलिस ने पूछताछ भी की है।
छह दिन लग गए अगवा करने की जगह पता करने में
परिवारीजनों ने राजधानी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। अजय के लापता होने के दो दिन बाद आलमबाग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने अनहोनी की आशंका भी जाहिर की। इसके बाद पुलिस को अजय कहां से गायब हुआ इसकी जानकारी हासिल करने में छह दिन लग गए।
वहीं, सरोजनीनगर पुलिस को भी अगवा होने की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पड़ताल की सुध नहीं रही। पुलिस को छह दिन बाद अगवा होने का स्थल और 12 दिन बाद सीतापुर पुलिस ने युवक का शव मिलने की सूचना दी।