एसिड अटैक में झुलसे विकास वर्मा ने पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दीं। उनको आशंका है कि वारदात से कुछ समय पहले जब वह घर से कुछ दूरी पर टहल रहे थे तब कोई उनका पीछा कर रहा था। टहलकर जब वह घर लौटे तो करीब 10 मिनट बाद घर का दरवाजा खटखटाया गया। दरवाजे के खुलते ही वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस तथ्य को अपनी जांच में शामिल कर लिया है। इलाके में लगे करीब एक दर्जन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
विकास के मुताबिक शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से बाहर निकले थे। करीब पौन घंटे तक टहलने के बाद रात करीब 9:20 बजे घर लौटे थे। विकास ने बताया कि पैदल टहलते वक्त उनको ऐसा लग रहा था कि कोई उनका पीछा कर रहा था। इस बयान से पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाले पहले से रेकी कर रहे थे। शायद मौका नहीं मिला इसलिए उस वक्त हमला नहीं किया। जब वह घर पहुंचे तब निशाना बनाया। ये भी आशंका है कि क्या विकास ही टारगेट थे या उनके परिवार को कोई और उनके निशाने पर था। गोमतीनगर थानाध्यक्ष का कहना है कि जब आरोपी पकड़े जाएंगे तब सभी चीजें साफ होंगी।
घायल अनीता ने बताया कि दोनों में से एक हमलावर ने अपना चेहरा ढक रखा था। पलक झपकते वारदात हुई। इसलिए कुछ समझ नहीं आया। जिसके चेहरे पर कुछ नहीं था, उसको भी वह पहचान न पाने की बात कह रही हैं। हमलावर जब फरार हुए तो मकान में बाहर से कुंडी लगा गए। पड़ोसियों ने कुंडी खोली।
रंजिश या आशनाई में वारदात की आशंका
विकास का बड़ा भाई आकाश एक रेस्टोरेंट में काम करता है। बहन कार की एक कंपनी में कार्यरत है। विकास सोशल मीडिया पर रील बनाता रहता है। पुलिस को आशंका है कि वारदात रंजिश या आशनाई में अंजाम दी गई। इसी पहलू पर जांच जारी है।