फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुस्लिम हित नहीं लाल बत्ती बनी मकसद!!

Sat, 11 Apr 2015 01:29 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन का एक वर्ष का कार्यकाल लाल बत्ती पाने की जुगत में ही बीत गया। आयोग के पास उपलब्धि के नाम पर महज 39 मामलों में सुनवाई के लिए समन जारी करने और आगरा में धर्मांतरण मामले की जांच के अलावा और कुछ नहीं है।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने 9 अप्रैल 2014 को अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया था। इसमें अध्यक्ष के अलावा आठ सदस्य नामित किए गए। पिछले एक वर्ष में आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद ने लाल बत्ती पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया।

अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां का खास होने के कारण सरकार ने आयोग के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का निर्णय किया। इस प्रस्ताव को कैबिनेट में पारित कर राजभवन भेजा गया, लेकिन राज्यपाल ने इसमें कई आपत्तियां लगा दीं।
विज्ञापन


इससे खफा आजम ने राज्यपाल के खिलाफ कई बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी भी की। इसके बाद पिछले महीने ही आजम ने आयोग के अध्यक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा देने का प्रस्ताव कैबिनेट के साथ ही विधानसभा में भी पारित करा दिया, लेकिन इसे भी राज्यपाल ने विधिक परीक्षण के नाम पर रोक दिया है।
विज्ञापन

12 मामले निपटाने का दावा

आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद उस समय भी विवादों में आए थे जब उन्होंने आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की आपसी लड़ाई में जव्वाद पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इस पर उनकी खूब आलोचना भी हुई थी।

आयोग के प्रवक्ता व सदस्य शफी आजमी कहते हैं पिछले एक साल में 12 मामलों का निपटारा किया गया। ज्यादातर मामले पुलिस उत्पीड़न के थे। नियुक्ति व शिक्षा विभाग के भी कई मामले चल रहे हैं। वहीं, 2700 शिकायतों में से 2500 का निपटारा कर दिया गया है। सुनवाई वाले मामलों में समय लगता है क्योंकि इसमें दोनों पक्षों से रिपोर्ट तलब की जाती है।

हाशिमपुरा कांड के पीड़ितों को दिलवाएंगे कानूनी मदद
अल्पसंख्यक आयोग की ओर से हाशिमपुरा कांड के पीड़ितों को न्याय दिलवाने के लिए जरूरी कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए आयोग की पांच सदस्यीय टीम जल्द ही पीड़ितों से मिलेगी। आयोग के एक साल पूरा होने पर शुक्रवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।

सरकारी योजनाओं पर रखेंगे नजर
आयोग अल्पसंख्यकों के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं में 20 प्रतिशत मात्राकरण की भी मॉनिटरिंग करेगा। यह देखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अल्पसंख्यकों को मिल रहा है या नहीं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें