यूपीएसआईएफएस में 42 दिवसीय क्राइम सीन मैनेजमेंट कोर्स का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।
सरोजनीनगर (लखनऊ)। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में 42 दिवसीय क्राइम सीन मैनेजमेंट कोर्स का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोरा ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि अपराधी घटनास्थल पर साक्ष्य छोड़ता है लेकिन कई बार साक्ष्य संकलन में हुई छोटी-छोटी गलतियां जांच को प्रभावित कर देती हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि घटनास्थल पर क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने ग्लव्स, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक इस तरह के प्रशिक्षण के लिए गंभीर हैं। इसलिए कोर्स को सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। उम्मीद जताई कि सभी प्रतिभागी अपने-अपने जिलों में जाकर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्यशालाएं करेंगे। इससे अन्य पुलिसकर्मियों को भी इस विषय की जानकारी मिल सके। संस्थान के महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा और उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट और जिलों से आरक्षी से लेकर निरीक्षक रैंक तक के कुल 105 पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। संचालन संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया। कार्यक्रम में संस्थान के उपनिदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव, अतुल यादव, डॉ. नताशा, विवेक कुमार, डॉ. वाष्णेय, डॉ. पोरवी सिंह, डॉ. पलक, गिरिजेश राय, उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह और कार्तिकेय सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
यूपीएसआईएफएस में 42 दिवसीय क्राइम सीन मैनेजमेंट कोर्स का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।