कोरोना संकट के चलते पिछले तीन सप्ताह से ठप गतिविधियों को केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार राज्य सरकार पटरी पर लाएगी। इसके लिए रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रियों की बैठक में कई फैसले लिए गए। तय हुआ कि 15 अप्रैल से मंत्री अपने दफ्तरों में बैठेंगे। विशेष सचिव व उससे ऊपर के अधिकारी भी अनिवार्य रूप से कार्यालय आएंगे। प्रदेश में विभिन्न विभागों के कामकाज को सामान्य बनाने के लिए दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत 11 मंत्रियों की अध्यक्षता में कमेटियां गठित की गई हैं।
सीएम योगी ने कहा कि हम सबकों लॉकडाउन की कार्यवाही को पीएम मोदी के आह्वान पर जान भी-जहान भी की तर्ज पर आगे बढ़ाना है। कामकाज को सामान्य बनाने और जीवन को पटरी पर लाने की प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाएगा।
मंत्री 15 अप्रैल से अपने दफ्तरों से सरकारी कामकाज तो शुरू कर देंगे लेकिन लोगों से मिलने-जुलने पर फिलहाल प्रतिबंध रहेगा। जनता दर्शन भी स्थगित रहेगा। दफ्तरो में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। केवल जरूरी स्टॉफ ही बुलाया जाएगा। वे अपने प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव के साथ बैठक करके तय करेंगे कि विशेष सचिव से निचले स्तर के किन अधिकारियों व कर्मचारियों को दफ्तर में बुलाया जाएगा।