लखनऊ। कागजों पर मृत दिखाकर एक वृद्ध की पेंशन रोकने के मामले का प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने संज्ञान लिया है। मंत्री के निर्देश पर बुधवार को पीड़ित के घर पहुंची टीम ने जांच की। समाज कल्याण विभाग के अफसर ने मंत्री से वृद्ध की वीडियो कॉल से बात कराई। इसमें वृद्ध को जल्द पेंशन मिलने का आश्वासन दिया। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
निगोहां के भद्दी खेड़ा निवासी वृद्ध माता प्रसाद की वृद्धावस्था पेंशन आ रही थी। कुछ माह पहले पंचायत सेक्रेटरी ने ऐसी रिपोर्ट लगा दी कि उसे कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया। इससे वृद्ध की पेंशन रुक गई। वृद्ध ने अफसरों के कई चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
अमर उजाला ने माता प्रसाद के दर्द को अखबार में 25 फरवरी के अंक में प्रकाशित किया। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने खबर को गंभीरता से लेते हुए उपनिदेशक समाज कल्याण केएल गुप्ता, एडीओ समाज कल्याण सुमित शेखर की टीम को बुधवार को वृद्ध के घर भेजा।
यहां उपनिदेशक ने वृद्ध की वीडियो कॉल पर मंत्री असीम अरुण से बात कराई गई। मंत्री ने तत्काल पेंशन शुरू करने के निर्देश दिए। उपनिदेशक समाज कल्याण केएल गुप्ता ने बताया कि वृद्ध की पेंशन शीघ्र शुरू हो जाएगी। बैंक से पीएफएमएस रिस्पांस आना है।