पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने शनिवार को प्रदूषण और उसके नियंत्रण पर एक वेबिनार का आयोजन किया।
इसे बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि योगी सरकार ने उद्यमियों के लिए पर्यावरण विभाग एवं प्रदूषण बोर्ड में लाइसेंस के पंजीयन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल कर दिया है। साथ ही ऑनलाइन क्लीयरेंस की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है।
वेबिनार में एनजीटी निरीक्षण समिति के सदस्य अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि यूपी सरकार को कम से कम निरीक्षण एवं अधिक से अधिक निगरानी की सुविधा देनी चाहिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल डायरेक्टर आरके सिंह ने कहा कि अपव्यय के इलाज के लिए नई तकनीकी का इस्तेमाल करें।
इसके लिए बोर्ड की वेबसाइट से सूचनाओं की जानकारी हासिल की जा सकती है। पीएचडी चैंबर के संजय अग्रवाल ने कहा कि बढ़ता शहरीकरण व बिगड़ती वायु-पानी की गुणवत्ता से यूपी में स्वास्थ्य की समस्या उत्पन्न हो रही है।
यूपी स्टेट चैप्टर ललित खेतान ने कहा कि हरा भरा पर्यावरण और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करना उद्योगोें के लिए अनिवार्य है। इस क्षेत्र के विकास को बनाए रखना भी राज्य के उद्योगों की जिम्मेदारी है।
वेबिनार का संचालन डॉ. रंजीत मेहता, अतुल श्रीवास्तव ने किया, जिसमें सीनियर सलाहकार मुकेश सिंह ने भी प्रस्ताव पेश किये।
औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए नौ करोड़ का विकास
तालकटोरा इंडस्ट्रियल स्टेट इंडस्ट्रीज ओनर्स एसोसिएशन की शनिवार को बैठक हुई। जिसमें मुख्य अतिथि उपायुक्त उद्योग मनोज कुमार चौरसिया उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संगठन के संयुक्त सचिव अचल गुप्त द्वारा किया गया। मो. यूनुस सिद्दीकी ने कहा कि पूरे क्षेत्र के विकास कि लिए सरकार द्वारा लगभग नौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है जो केंद्र सरकार से स्वीकृत होना है। यह प्रस्ताव अगले वित्तीय वर्ष में पास हो जाएगा। इससे सड़कों की मरम्मत सहित अन्य कार्य होंगे। उपायुक्त ने कहा सरकार नए उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसमें नए उद्योग स्थापित हो सकें, इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सकेगा।