रायबरेली। बराडीह गांव के रहने वाले शशिकांत के घर बिजली कनेक्शन के साथ मीटर लगा है, फिर भी प्रवर्तन दल के अधिकारियों ने सुविधा शुल्क न मिलने पर जून महीने में उसके खिलाफ केस दर्ज करा दिया। डीह के रहने वाले वीके मिश्रा, संतोष का कहना है कि बिजली की वसूली में अधिकारी तेजी दिखाते हैं, लेकिन रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिली। ऐसे कई उपभोक्ताओं ने अपनी व्यथा सुनाई। यह हाल था विद्युत उपभोक्ता एवं जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान के तहत शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में लगाए गए शिविर का।
शिविर में उपभोक्ताओं की समस्या सुन रहे थे प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह। ऐसी तमाम शिकायतें सुनकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के साथ प्रवर्तन दल की मनमानी कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान न किया जाए। शेड्यूल से बिजली मिले इसका पूरा ख्याल रखा जाए। जर्जर ढांचे को सुधार के लिए चल रही रिवैंप योजना की सुस्ती पर कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधियों को फटकार लगाई। कहा कि अभियंता कार्य में नजर रखें। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करें। घरों में न तो बिजली का कनेक्शन व मीटर न होने पर भी प्रवर्तन टीम जुर्माना कर रही है। यह उचित नहीं है। कहा कि इस तरह के मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। बिजली चोरी के मामले में मनमानी तरीके से लगाए गए शमन शुल्क व जुर्माना निर्धारण को संशोधित किया जाए, ताकि लोग उसकी भरपाई कर सकें।
कहा कि जिन क्षेत्रों में कम विद्युत क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगे हैं, उनकी क्षमता बढ़ाई जाए। ताकि लोगों को लोवोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिल सके। सलोन विधायक अशोक कुमार कहा कि जिन उपभोक्ताओं के यहां कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार कनेक्शन दिए जाएं। कनेक्शन के नाम पर धन उगाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के डायरेक्टर (डिस्टीब्यूशन) केबी ने अभियंताओं को शिकायतों के निस्तारण का निर्देश दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी के अलावा अधीक्षण अभियंता वाईएन राम, रामकुमार, एक्सईएन ओपी सिंह, एके सिंह, आनंद कुमार वर्मा, दिलीप मौर्य आदि मौजूद रहे।