गोमीनगर में निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री सुरेश, महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त गौरव कुमा
लखनऊ। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के औचक निरीक्षण में बृहस्पतिवार को शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने और चार कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार और स्वच्छता प्रोत्साहन समिति के संयोजक सुनील मिश्रा मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री ने जोन तीन के अयोध्यादास प्रथम, अयोध्यादास द्वितीय और फैजुल्लागंज द्वितीय और जोन चार के गोमतीनगर वार्ड का निरीक्षण किया। अयोध्यादास वार्ड में नालियां चोक और जगह-जगह कूड़ा मिला। फैजुल्लागंज द्वितीय में झाड़ू ठीक से नहीं लगी थी और नालियां गंदगी से भरी थीं। गोमतीनगर में भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली और नालियां चोक थीं। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों को फटकार लगाई।
फैजुल्लागंज द्वितीय में अवैध रूप से संचालित तीन पॉलिथीन गोदाम मिले। इन्हें मौके पर ही सील करा दिया गया। चारों वार्डों में सफाई का काम निजी संस्था लायन एनवायरो कर रही है। लापरवाही पर मंत्री ने संस्था पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
इनका कटेगा वेतन
जोन तीन के सफाई निरीक्षक पुष्कर पटेल और सफाई सुपरवाइजर राजेश खन्ना का एक-एक दिन का वेतन काटा जाएगा। जोन चार के जेडएसओ पंकज शुक्ला और सफाई एवं खाद्य निरीक्षक रश्मि शुक्ला का पांच-पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
इसलिए मिलती है हर बार गंदगी
प्रभारी मंत्री पहले भी कई बार सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद हर बार किसी न किसी इलाके में गंदगी मिलने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जुर्माना और वेतन कटौती के बाद भी स्थायी सुधार नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सफाई व्यवस्था में लगी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के साथ लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।