फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रवृत्ति के लिए अब ये शर्त जरूरी नहीं, इन स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ

Sun, 22 Apr 2018 03:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की तर्ज पर समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम अंक की शर्त लागू नहीं करेगा। इस बारे में समाज कल्याण विभाग ने शासन को अवगत कर दिया है। इससे सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के लाखों विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
विज्ञापन


हाल ही में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने अपनी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली में बदलाव किया था। इसके अनुसार ओबीसी के उन छात्रों को शुल्क की भरपाई नहीं की जाएगी, जिनके पिछली कक्षा में 50 फीसदी से कम अंक होंगे। इसी तरह से इस वर्ग के उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी, जिन्होंने गत वर्ष की परीक्षा न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो।

संशोधित नियमावली में यह भी प्रावधान है कि कक्षा-11 व 12 के अतिरिक्त दशमोत्तर पाठ्यक्रमों में अगर मानक के आधार पर रकम कम पड़ती है तो मानक 50 फीसदी अंक से अधिक भी हो सकता है। अगर रकम बचती है तो कक्षा-11 व 12 के 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे यह उम्मीद थी कि समाज कल्याण विभाग भी नियमावली में बदलाव करेगा। लेकिन लंबे विचार-विमर्श के बाद समाज कल्याण निदेशालय ने न्यूनतम अंकों की शर्त लागू नहीं करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

ये है तर्क

समाज कल्याण निदेशालय के मुताबिक किसी भी पाठ्यक्रम में अगर छात्र को दाखिला मिल जाता है, तो न्यूनतम अंकों की शर्त लगाकर उन्हें छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से बाहर करना उचित नहीं प्रतीत होता। न्यूनतम अंकों की शर्त पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए लागू की जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक एससी-एसटी और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए नियमावली में बदलाव न करने के समाज कल्याण निदेशालय के मत से शासन भी सहमत है।

गौरतलब है कि अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों के लिए योजना का लाभ देने के लिए केंद्र से बजट मिलता है। इसलिए भी इनके मामले में किसी तरह की कैपिंग लागू करने का तुक नहीं बनता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें