बसपा के मैदान से बाहर जाने से मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार बढ़ गए हैं। सपा ने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद को टिकट दिया है तो भाजपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी मिल्कीपुर में अपना प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है, जिससे मुकाबला रोचक हो सकता है। बता दें कि कांग्रेस ने मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा प्रत्याशी का समर्थन करने का एलान किया है।
चुनाव आयोग से सख्त निर्णय लेने को कहा था
बता दें कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने 23 नवंबर को नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि जब तक चुनाव आयोग फर्जी मतदान रोकने के लिए कोई सख्त निर्णय नहीं लेता है, तब तक बसपा किसी भी उपचुनाव में भाग नहीं लेगी।
बसपा केवल दिल्ली चुनाव पर फोकस कर रही है। दिल्ली के दलित और ओबीसी मतदाताओं को बताया जाएगा कि किस तरह कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी उनके वोट हासिल करने के लिए छलावे की राजनीति कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के मंच पर दलितों और ओबीसी नेताओं को जगह नहीं मिलती है। सपा दिल्ली में आप का समर्थन कर रही है, जबकि मिल्कीपुर में कांग्रेस का समर्थन ले रही है। यह उनके भरोसे के साथ विश्वासघात है।- विश्वनाथ पाल, बसपा अध्यक्ष (यूपी)