बीकेटी में मिड-डे मील की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
विद्यालयों में दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता इतनी खराब है कि
सोमवार को भौली गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 42 से ज्यादा बच्चों
ने खाना लेने से ही इनकार कर दिया।
कार्यदायी
संस्था ने स्कूल में जली हुई रोटियां और खराब सब्जी बच्चों को खाने के लिए
भेज दी। इससे नाराज बच्चों ने खाने से इनकार कर दिया। बाद में इन रोटियों व
सब्जी को रसोईया रामलखन के द्वारा जानवरों को खिलाया गया।
यही स्थिति
बीकेटी के कई अन्य स्कूलों की भी है। नगर पंचायत बीकेटी के कई सभासदों,
अभिभावकों, शिक्षकों व बच्चों ने बताया कि एनजीओ के द्वारा मिड-डे मील के
तहत जुलाई से अब तक जो भोजन दिया जा रहा है उसकी गुणवत्ता बहुत खराब है।
इस मामले में एनजीओ दृष्टि द विजन के प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने बताया कि
उनकी एनजीओ के द्वारा मानक व मीनू के हिसाब से भोजन स्कूलों में वितरित
किया जाता है।
बीएसए के द्वारा नगर पंचायत बीकेटी के स्कूलों में काम करने
वाले रसोईयों को हटा दिया गया है। इसी के चलते रसोईयों के द्वारा एनजीओ के
खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ खण्ड शिक्षा अधिकारी एपी
सिंह ने मामला संज्ञान में न होने व इसकी जांच कराने की बात कही है।